भोपाल: राज्य सरकार ने दस साल पहले बनाये मप्र भूमि विकास नियम 2012 में भी स्वीकृत क्षेत्र में तीस प्रतिशत अधिक अवैध निर्माण को समझौता शुल्क लेकर विधिमान्य करने का प्रावधान कर दिया है।

यह प्रावधान 26 मई 2022 के बाद पूरे प्रदेश में प्रभावशील कर दिया जायेगा। दरअसल नगरीय निकायों ने म्युनिसिपल एक्ट के तहत उक्त प्रावधान को पहले से ही लागू किया हुआ है। लेकिन भूमि विकास नियम में मात्र दस प्रतिशत अवैध निर्माण को विधिमान्य करने का उल्लेख था।

इस विसंगति को दूर करने के लिये ही भूमि विकास नियमों में यह बदलाव किया गया है ताकि एकरुपता बनी रहे और न्यायालय में इसे चुनौति नहीं दी जा सके।