केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे की चर्चा काफी दिनों से हो रही थी. राज्य के दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने नवादा में एक जनसभा को संबोधित कर एक तरफ चुनावी शंखनाद किया. तो वहीं उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि बिहार में जल्द ही शांति की स्थापना हो. मैंने सुबह गवर्नर साहब को फोन किया तो लल्लन सिंह जी बुरा मान गए कि आप क्यों बिहार की चिंता करते हो?
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अमित शाह बोले, अरे भाई मैं देश का गृहमंत्री हूं और बिहार की कानून व्यवस्था भी देश का एक हिस्सा है. बिहार की सरकार बुरी नीयत और बुरी नीति की सरकार है. भ्रष्टाचार का B, अराजकता का A और दमन का D इन तीनों से मिलकर ये सरकार बनी है और इसे उखाड़कर फेंक देना है.
एक बयान के ज़रिये अमित शाह ने बिहार की राजनीति को लेकर एक बड़ा संकेत दे दिया. उन्होंने कहा कि मैं एक बात स्पष्ट कर देता हूं कि चुनाव के परिणामों के बाद नीतीश बाबू और लल्लन बाबू को भाजपा में वापस नहीं लिया जाएगा. नीतीश बाबू और लल्लन बाबू के लिए भाजपा के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं.
उन्होंने आगे कहा कि जातिवाद का जहर घोलने वाले नीतीश बाबू और जंगलराज के प्रणेता लालू प्रसाद इन दोनों के साथ भाजपा कभी राजनीतिक सफर नहीं तय कर सकती. नीतीश बाबू आपने अपने जीवन में कई पार्टियां बदली हैं, कई लोगों को धोखा दिया हैं लेकिन जिस UPA में लालू के साथ आप गए हैं, उसने बिहार को क्या दिया?
अमित शाह आगे बोले, 2009 से 2015 में बिहार को सिर्फ 50 हजार करोड़ रुपये का बजट केंद्र ने दिया था और 2014 से 2019 में मोदी जी ने 50 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 9 हजार करोड़ रुपये बिहार को देने का काम किया है.
अयोध्या में बन रहें राम मंदिर का जिक्र करते हुए अमित शाह बोले, कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी, टीएमसी अयोध्या में श्री राम का मंदिर बनने का विरोध करते थे. मोदी जी ने एक दिन सुबह श्री राम मंदिर का शिलान्यास कर दिया और आसमान से भी ऊंचा राम मंदिर बनने की शुरूआत हो गई है.
बिहार हिंसा पर अमित शाह ने कहा कि आज समग्र बिहार चिंता कर रहा है. बिहारशरीफ में आग लगी है, सासाराम में आग लगी है. 2024 में मोदी जी को पूर्ण बहुमत दीजिए और 2025 में बिहार में भाजपा की सरकार बनाइए. इन दंगा करने वालों को उल्टा लटका कर सीधा करने का काम भाजपा करेगी.