केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) सोमवार यानी 3 मार्च को अपने 60 वर्ष पूरे होने पर डायमंड जुबली मना रही है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह का उद्घाटन किया. समारोह में सीबीआई से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामलों का संग्रह भी जारी किया गया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि देश की प्रीमियम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के रूप में 60 वर्ष का सफर आपने (CBI) पूरा किया है. ये 6 दशक निश्चित रूप से अनेक उपलब्धियों के रहे हैं. 

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पीएम मोदी बोले, आज यहां CBI के मामलों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट का संग्रह भी जारी किया गया है. ये CBI के बीते वर्षों के सफर को दिखाता है. CBI ने अपने काम से, अपने कौशल से सामान्यजन को एक विश्वास दिया है. आज भी जब किसी को लगता है कि कोई केस असाध्य है तो आवाज उठती है कि मामला CBI को दे देना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा, लोग आंदोलन करते हैं कि केस उनसे लेकर CBI को दे दो. यहां तक कि पंचातय स्तर पर भी कोई मामला आता है तो लोग कहते हैं कि इसे CBI को दे देना चाहिए. न्याय के, इंसाफ के एक ब्रांड के रूप में CBI हर जुबान पर है. कोटि-कोटि भारतीयों ने आने वाले 25 सालों में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है और विकसित भारत का निर्माण professional और efficient institutions के बिना संभव नहीं है. इसलिए CBI पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.

पीएम मोदी ने बताया कि अपनी कार्यप्रणाली, कार्यकुशलता और क्षमताओं से सीबीआई ने लोगों में अपने प्रति गहरी आस्था का भाव जगाया है. सत्य, न्याय के ब्रांड के रूप में सीबीआई उभरी है! आम लोगों से इस हद तक आस्था और विश्वास जीतना कोई साधारण बात नहीं है. पिछले 6 दशक में CBI ने Multi Dimensional और Multi Disciplinary जांच एजेंसी के तौर पर अपनी पहचान बनाई है, आज CBI का दायरा बहुत बड़ा हो चुका है.

उन्होंने कहा, महानगर से लेकर जंगल तक CBI को दौड़ना पड़ रहा है. मुख्य रूप से CBI की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार से देश को मुक्त करने की है. भ्रष्टाचार कोई सामान्य अपराध नहीं होता. भ्रष्टाचार, गरीब से उसका हक छीनता है, अनेक अपराधों को जन्म देता है. भ्रष्टाचार, लोकतंत्र और न्याय के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा होता है. 

भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी बोले, जहां भ्रष्टाचार होता है, वहां युवाओं को उचित अवसर नहीं मिलते. वहां सिर्फ एक विशेष ecosystem ही फलता-फूलता है. भ्रष्टाचार प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है और यहीं से भाई-भतीजावाद, परिवारवाद को बल मिलता है. जब भाई-भतीजावाद और परिवारवाद बढ़ता है, तो समाज का, राष्ट्र का सामर्थ्य कम होता है. जब राष्ट्र का सामर्थ्य कम होता है तो विकास प्रभावित होता है.

उन्होंने कहा, पिछले छह दशकों में सीबीआई ने 'बहु-आयामी' और 'बहु-अनुशासनात्मक' जांच एजेंसी के रूप में पहचान अर्जित की है. इसका दायरा, आज, बड़े पैमाने पर विस्तृत हो गया है. महानगरों से लेकर जंगलों तक, बैंकों से लेकर वन्यजीव संरक्षण तक, लगभग हर पहलू पर सीबीआई जांच करती रही है. साथ ही, साइबर क्राइम भी इस एजेंसी द्वारा निपटाए जा रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि साल 2014 के बाद हमारा पहला दायित्व, व्यवस्था में भरोसे को फिर कायम करने का रहा. इसलिए हमने काले धन को लेकर, बेनामी संपत्ति को लेकर मिशन मोड पर एक्शन शुरु किया. आज हम इंटरनेट बैंकिंग की बात करते हैं, UPI से रिकॉर्ड ट्रांजेक्शन की बात करते हैं. लेकिन हमने 2014 से पहले बैंकिंग वाला दौर भी देखा है. ये वह दौर था, जब दिल्ली में प्रभावशाली राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के फोन पर हजारों करोड़ रुपए के लोन मिला करते थे.

उन्होंने कहा, जिसने हमारी अर्थव्यवस्था के आधार हमारे बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद कर दिया था. बीते वर्षों में हम बहुत मेहनत करके अपने बैकिंग सेक्टर को मुश्किलों से बाहर निकाल कर लाए हैं. भ्रष्टाचारियों ने देश का खजाना लूटने का एक और तरीका बना रखा था जो दशकों से चला आ रहा था. ये था, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लूट. 

पीएम मोदी बोले, आज जनधन, आधार, मोबाइल की ट्रिनिटी से हर लाभार्थी को उसका पूरा हक मिल रहा है. राष्ट्र में अविश्वास और नीतिगत पक्षाघात का समय था लेकिन 2014 से, हमारा प्राथमिक लक्ष्य व्यवस्था में लोगों के विश्वास को बहाल करना, पोषण करना और मजबूत करना रहा है. हमने तत्कालीन काले धन के जमाखोरों के खिलाफ, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ, भ्रष्टाचार के मूल कारणों के खिलाफ एक्शन मोड में काम किया. हमने सिस्टम में अत्यधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की, और 2G और 5G स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया इस बात का बहुत प्रमाण है.

उन्होंने कहा, आज देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति में कोई कमी नहीं है. आपको कहीं भी हिचकने, कहीं रूकने की जरूरत नहीं है. यह सच है कि आधुनिक तकनीकों के कारण आज अपराध वैश्विक होते जा रहे हैं लेकिन यह भी सच है कि ये प्रौद्योगिकियां ही इन मुद्दों का समाधान दे सकती हैं. हमें जांच में फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग को और तेज करने की जरूरत है.

पीएम मोदी ने कहा, हमें साइबर अपराधों से निपटने के लिए नवोन्मेषी तरीके खोजने होंगे. तकनीक-सक्षम उद्यमियों और युवाओं की इसमें बड़ी भूमिका है. जैसे-जैसे भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ रही है, अड़चने पैदा करने वाले भी बढ़ रहे हैं. भारत के सामाजिक ताने-बाने पर, हमारी एकता और भाई-चारे पर, हमारे आर्थिक हितों पर और हमारे संस्थानों पर भी नित्य प्रहार बढ़ते चले जा रहे है और इसमें जाहिर तौर पर भ्रष्टाचार का पैसा लगता है. इसलिए हमें क्राइम और करप्शन के मल्टी नेचर को समझना होगा और उसके रूटकॉज तक पहुंचना होगा.