भोपाल: भारत के राष्ट्रपति ने एक साल बाद मप्र विधानसभा द्वारा पारित सिविल प्रक्रिया संहिता में संशोधन संबंधी विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे अब यह एक कानून के रुप में प्रभावशील हो गया है।

उल्लेखनीय है कि गृह एवं विधि मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 1 मार्च 2021 को विधानसभा में उक्त विधेयक पारित कराया था। चूंकि सिविल प्रक्रिया संंहिता में संशोधन की स्वीकृति राष्ट्रपति ही दे सकते हैं, इसलिये इसे राज्यपाल ने उनके पास भेजा था जिसे लँबे विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रपति ने मंजूरी प्रदान कर दी है।

ये प्रावधान हैं मंजूर कानून में:

वाणिज्यिक न्यायालयों को भी इसमें शामिल किया गया है। साक्षी की गवाही को खुले न्यायालय में जज द्वारा मौखिक रुप से लिया जायेगा भले ही उसने शपथ-पत्र में अपनी बात कही हो। न्यायालय द्वारा पारित कोई आदेश, सुनाया गया निर्णय या तैयार की गई डिक्री, पर यदि जज इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर करता है, तो वह विधि मान्य मानी जायेगी।