यदि मध्यप्रदेश में आज विधानसभा चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस के करीब एक तिहाई वर्तमान विधायक अपनी सीटें गंवा सकते हैं. पार्टी के ही इंटरनल सर्वे में यह खुलासा हुआ है. जिन विधायकों पर हार का खतरा मंडरा रहा है उनमें कई पूर्व मंत्री भी शामिल हैं. प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ द्वारा एक निजी कंपनी से कराए गए सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के 95 में से करीब एक तिहाई विधायकों का बेहद कमजोर प्रदर्शन रहा है. अब इन्हें चेतावनी दी गई है कि वे अपना परफॉर्मेंस सुधारें अन्यथा टिकट कट जाएगा।
सर्वे में कहा गया है कि पूर्व कमलनाथ सरकार के 20 में से 3 मंत्रियों की स्थिति भी खराब है। यहां तक कि पूर्व मंत्री व राऊ से विधायक जीतू पटवारी को भी कमजोर प्रदर्शन वाले विधायकों की सूची में शामिल हैं. कमलनाथ ने एक बैठक में सर्वे रिपोर्ट का हवाला देकर उन्हें अपने क्षेत्र में ज्यादा फोकस करने की सलाह दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक सर्वे में बताया गया है कि इन विधायकों की उनके क्षेत्र में लोकप्रियता का ग्राफ पिछले कुछ समय में तेजी से गिरा है। यही कारण है कि इन सभी को क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं. सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की स्थिति भी इलाके में ठीक नहीं है. पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की सर्वे रिपोर्ट भी बेहतर नहीं है। भोपाल उत्तर सीट से पूर्व मंत्री आरिफ अकील का परफॉर्मेंस बेहतर बताया गया है, लेकिन लंबे समय से अस्वस्थ्य होने के कारण उनका अगला चुनाव लड़ना मुश्किल है। इसी तरह सर्वे रिपोर्ट के बाद पूर्व मंत्री एवं भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से विधायक पीसी शर्मा ने मध्य क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों की दोबारा जीतने की पूरी संभावना है. इनकी स्थिति ठीक बताई जा रही है. कांग्रेस सरकार में विधानसभा की उपाध्यक्ष रहीं हिना कांवरे की उनके विधानसभा क्षेत्र में लोकप्रियता बरकरार बताई गई है। हालांकि फिलहाल उन्हें भाजपा अपनी ओर लाने का प्रयास कर रही है.
रिपोर्ट में बताया गया कि करीब दो दर्जन ऐसे विधायक हैं, जो अब भी जनता के बीच जाकर, सक्रियता बढाकर दोबारा अपनी स्थिति सुधार सकते हैं. इन विधायकों को अपनी स्थिति सुधारते हुए सीट बनाए रखने की पुख्ता तैयारी करने का मौका दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब सभी सीटों पर हर तीन माह में सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट बनाई जाएगी जिसके आधार पर टिकट दी जाएगी।