भोपाल। मध्यप्रदेश में बेहतर माहौल में गुणवत्ता शिक्षा देने के उद्देश्य से बच्चों के लिए सीएम राइज स्कूल शुरु किए गए हैं. इन स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। खास बात यह है कि सीएम राइज स्कूलों में बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. इन स्कूलों में प्रवेश के लिए किसी भी हाल में बच्चों का कोई टेस्ट नहीं लिया जाएगा. शिक्षा विभाग ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि जहां अधिक आवेदन आते हैं उन स्कूल या क्लासेस में बच्चों को लाटरी पद्धति से प्रवेश दिया जाएगा।

प्रदेश में कुल 275 स्कूलों को इस बार सीएम राइज स्कूल के रूप में चयनित किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) की ओर से इन स्कूलों में वर्तमान सत्र 2022-23 में प्रवेश के संबंध में नीति जारी कर दी गई है। इसके तहत सीएम राइज स्कूलों में केजी-1 यानि उदय) और केजी-2 यानि अरूण की क्लासेस संचालित की जाएंगी। इन दोनों क्लासेस में प्रवेश के लिए स्कूलों में 30 जून तक आवेदन देने होंगे। इन स्कूलों में नर्सरी में प्रवेश नहीं होंगे। 

स्कूूलों में 30 जून के बाद आनेवाले आवेदन मान्य नहीं होंगे. सीट से अधिक आवेदन होने की स्‍थिति में संबंधित स्कूल में बच्चों को लाटरी पद्धति के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। सीएम राइज स्कूलों में किसी भी हाल में बच्चों का कोई स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं लिया जाएगा। प्रवेश नीति में इसका साफतौर पर उल्लेख किया गया है. इसके साथ ही यह भी उल्लेखित किया गया है कि किसी भी क्लास में बैठक व्यवस्था से अधिक प्रवेश नहीं देना है। स्कूल को सूचना पटल पर कक्षावार रिक्तियों की सूची चस्पा करना अनिवार्य किया गया है।

सीएम राइज स्कूलों के संबंध में डीपीआइ के अपर संचालक डीएस कुशवाहा ने बताया कि इन स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. स्कूल में अधिक आवेदन आएंगे, तो बच्चों को यहां लाटरी पद्धति से प्रवेश दिए जाएंगे। प्रवेश नीति के अनुसार किसी भी हाल में यहां बच्चों का स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं होगा।