बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी नौकरी के लिए जमीन मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुईं। इससे पहले CBI इस मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी से भी पूछताछ कर चुकी है।
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुई हैं। ED राबड़ी देवी नौकरी घोटाले में जमीन की जांच कर रही है। इससे पहले इसी मामले में CBI ने राबड़ी देवी से पूछताछ की थी और अब CBI ED मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में उनका बयान दर्ज कर रही है।
CBI ने दर्ज किया केस
CBI ED ने इस मामले में पिछले साल 18 मई को केस दर्ज किया था। आरोप पत्र 18 अक्टूबर को दायर किया गया था। जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। हाल ही में CBI ने लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान उनके ओएसडी रहे भोला यादव को गिरफ्तार किया था। लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव को भी CBI ED इस मामले में तीन बार पूछताछ के लिए बुला चुकी है। हालांकि वे तीनों बार पूछताछ के लिए पहुंचे।
नौकरी के बदले ज़मीन घोटालाए 14 साल पुराना है। यह घोटाला उस समय का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे। दावा किया जाता है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तो रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों से जमीन ली गई थी। लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे। इस मामले में CBI ने 18 मई को केस दर्ज किया था। CBI के अनुसार, लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर स्थानापन्न के रूप में भर्ती किया गया था और जब उनके परिवारों ने जमीन का सौदा किया तो उन्हें नियमित कर दिया गया।
सीबीआई का कहना है कि लालू यादव के परिवार ने पटना में 1.05 लाख वर्ग फुट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है। जमीन का सौदा नकद में हुआ था। यानी लालू परिवार ने ये जमीनें नकद देकर खरीदीं थीं सीबीआई के मुताबिक, इन जमीनों को बेहद कम कीमत पर बेचा गया था।
CBI ने यह भी पाया कि जोनल रेलवे में स्थानापन्न की भर्ती के लिए कोई विज्ञापन या सार्वजनिक अधिसूचना जारी नहीं की गई थी। लेकिन, यादव परिवार को जिन परिवारों ने अपनी जमीन दी, उनके सदस्यों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में रेलवे में नियुक्तियां दी गई थीं।
🏏 खेल
CBI के बाद अब ED ने राबड़ी देवी को किया तलब, जमीन के बदले में नौकरी का मामला
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुई हैं..!