Maharashtra NCP Crisis: महाराष्ट्र की सियासत में जारी उथल पुथल के बीच अपने ही अपनों पर भारी पड़ते दिखाई दें रहें हैं. वैसे अब तक तो NCP के नेता और कार्यकर्ता शरद पवार के नेतृत्व में ही काम करते आ रहे थे. फ़िलहाल, अब ये कह पाना काफी मुश्किल हैं कि कौन शरद पवार के साथ हैं और कौन नहीं?
इन दिनों अजित पवार के बगावती तेवरों ने NCP को दो गुटों में बांट दिया है. महाराष्ट्र की सियासत में NCP के लिए आज का दिन काफी अहम था. ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ शरद पवार ने शक्ति प्रदर्शन के लिए बैठक बुलाई. तो वहीं, दूसरी तरफ अजित पवार ने भी आज ही के दिन बैठक बुलाकर अपनी पावर दिखाने का काम एक बार फिर किया.
मुंबई में दोनों ही गुटों की बैठक दिनभर चली. इस बैठक के बाद अजित पवार का गुट मजबूत नज़र आया. क्योंकि शरद पवार गुट की मीटिंग में सिर्फ 13 विधायक और चार सांसद पहुंचे थे. वहीं, अजित पवार की बैठक में 31 विधायक और 4 एमएलसी पहुंचे थे. NCP में कुल 53 विधायक हैं, ऐसे में 9 विधायक अब तक किसी गुट में शामिल नहीं हुए हैं.
इन सबके बीच NCP में टूट का मामला चुनाव आयोग पहुंच गया है. एनसीपी के दोनों ही गुटों ने चुनाव आयोग में खुद के असली होने का दावा ठोका है. बता दें कि शरद पवार की बैठक ‘वाई वी चह्वाण सेंटर’ मुंबई में हुई. साथ ही अजित पवार की बैठक MET कॉलेज बांद्रा में की गई. अजित पवार की बैठक के लिए सजे मंच पर पीछे शरद पवार की फ़ोटो भी लगाई गई थी, जो अब चर्चाओं का विषय बनी हुई हैं.
इस बैठक से ठीक एक दिन पहले ही यानी मंगलवार को अजित पवार ने मुंबई में पार्टी के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया था. अब बैठक के बाद ये साफ़ हो गया कि चाचा भतीजे की इस सियासी रेस में भतीजा बाज़ी मरता हुआ दिखाई दे रहा हैं. इन सबके बीच बैठक में आज एक दूसरे पर खुलकर वार-पलटवार का दौर भी दिनभर चला.
शरद पवार की जगह अजित पवार NCP के नए अध्यक्ष-
अब बैठक के बाद अजित पवार गुट ने चुनाव आयोग के सामने बड़ा दावा करते हुए शरद पवार की जगह अजित पवार को NCP का नया अध्यक्ष बनाने का दावा तक कर दिया. बताया गया है कि कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने 30 जून को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी. इसमें प्रस्ताव पास किया गया है कि पार्टी लोगों के कल्याण के उद्देश्य से दूर जा रही है. ऐसे में शरद पवार की जगह अजित पवार को अध्यक्ष चुना जाता है.
इसके लिए चुनाव आयोग में भी अजित पवार गुट ने अर्जी दायर की है. इसमें कहा गया है कि 30 जून को मुंबई में हुई कार्यकारिणी की बैठक में अजित पवार को NCP का अध्यक्ष चुना गया है. फ़िलहाल, NCP के नाम व निशान पर दावे को लेकर अजित और शरद पवार दोनों गुट चुनाव आयोग पहुंच गए हैं.
NCP के नाम व निशान पर सियासत-
पहले शरद पवार गुट ने अर्जी लगाई थी. इसमें कहा गया कि कोई भी NCP पर अपना आधिपत्य का दावा आयोग के सामने करें तो आयोग शरद पवार गुट को भी जरूर सुने. साथ ही आयोग को ये भी बताया गया है कि सत्ताधारी गठबंधन में मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले बागी विधायकों को NCP से बर्खास्त कर दिया गया है.
इसके बाद अजित पवार गुट ने चालीस से अधिक विधायकों के शपथ पत्र के साथ NCP पर अपना दावा ठोका था. अजित पवार गुट ने चालीस से ज्यादा विधायकों के हलफनामे के साथ पार्टी पर अपना दावा किया है. हालांकि, आज उनकी मीटिंग में सिर्फ 31 ही विधायक शामिल हुए थे.