भारत को नाटो प्लस में शामिल करना चाहता है अमेरिका अमेरिका के एक सांसद ने भारत को नाटो के बराबर का दर्जा देने की वकालत की है। अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने बुधवार को कहा कि अगर भारत को नाटो प्लस में शामिल किया जाता है, तो भारत को रक्षा और सुरक्षा में अमेरिका के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। 

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने से भारत-अमेरिका संबंध और प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने कहा कि नाटो प्लस के सदस्यों को रक्षा सौदों पर जल्दी मंजूरी मिल जाती है। गौरतलब है कि अमेरिका पहले ही ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, इजरायल और दक्षिण अफ्रीका के साथ इस तरह का समझौता कर चुका है।

इस संबंध में अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने पेंटागन के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों और अन्य विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने दो साल पहले इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश किया था और अभी भी इस पर काम किया जा रहा है। इसके जल्द ही पारित होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि 14 जुलाई को अमेरिका के निचले सदन में राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA) को भारी बहुमत से मंजूरी दी गई थी। इसे अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने पेश किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत को किसी भी तरह से मदद की जाती है तो यह केवल अमेरिका के हित में होगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अमेरिका भारत के साथ रक्षा साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। ऐसे में अगर भारत को मजबूत बनाया जाता है तो चीन पर दबाव बनेगा। खन्ना ने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को रूसी सैन्य निर्यात पर निर्भरता कम करने का विकल्प भी देगा। 

उन्होंने कहा कि CAATSA या Katsa के माध्यम से काउंटरिंग अमेरिका के विरोधी अधिनियम से भारत को छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने आगे बताया कि वह भारत को नाटो के बराबर का दर्जा दिलाने के लिए घरेलू संबंध समिति के अध्यक्ष इलियट एंगल के साथ काम कर रहे हैं।