मध्यप्रदेश के कटनी जिले के अमित विश्वकर्मा ने हिमालय की 16730 फीट की चोटी पर तिरंगा फहरा दिया. इस दौरान उन्होंने 21 किमी लंबाई की सीधी चढ़ाई भी चढ़ी। जिले के छोटे से गांव बरही के रहने वाले पर्वतारोही अमित विश्वकर्मा ने एक बार फिर हिमालय की ऊंंचाई को अपने हौसलों से नापा है। इस बार अमित ने अपनी पर्वतारोहण की यात्रा को जारी रखते हुए हिमाचल रेंज की 16 हजार 730 फीट ऊंची क्षेतीदार कैम्पिन पीक को फतह किया है।
इसके लिए पर्वतारोहण संस्थान, मनाली में एक माह की ट्रेनिंग का आयोजन किया गया था। इस ट्रेनिंग में देश भर के 96 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें अमित विश्वकर्मा ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सफलता हासिल की और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। अमित विश्वकर्मा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता मन्नू लाल विश्वकर्मा और मां रश्मि विश्वकर्मा को दिया है।
क्षेतीदार कैम्पिन पीक फतह के सफर की शुरुआत उन्होंने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान में रॉक क्लाइंबिंग, रैपलिंग, आइस एक्स-क्लाइंबिंग, रेस्क्यू तकनीक, सेल्फ अरेस्ट, ग्रुप अरेस्ट आदि का प्रशिक्षण लेते हुए की। प्रारंभ में सोलांग हिल की 21 किमी की कठिन चढ़ाई की। सोलंग हिल की चढ़ाई के बाद बकर्ताच बेस कैंप के प्रवेश स्थल से बखीम ट्रेक के दौरान 30 किलो के वजन के साथ 7 घण्टे का लगातार सफर तय करने के बाद वे 12000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचे।
बकरताच कैंपिन बेस कैंप से रोजाना आइस क्राफ्ट ,स्नो क्राफ्ट और और रेस्क्यू क्रिवेस जैसी ट्रेनिंग के लिए 10000 फीट की ऊंचाई तय कर ट्रेनिंग में मनाली 26 दिन का कैंप किया. इसके बाद क्षेतीदार कैंपिन पर 16730 फ़ीट ऊंची चोटी पर तिरंगा फहरा दिया। उन्होंने बताया कि बेसिक माउंटेनियरिंग इंस्टिट्यूट मनाली में ट्रेनिंग बहुत मददगार हुई. पानी, स्नोफॉल और कोहरे छा जाने के बाद भी ट्रेनिंग नहीं रुकी। अमित विश्वकर्मा ने पहले भी पतालसू पीक सबमिट की थी। इस बार क्षेतीदार कैंपिन पीक फतेह कर कटनी का गौरव बढ़ाया और देश का झंडा इस ऊंची चोटी पर फहराया।