रतलाम। पिछले साल रेलवे ने उज्जैन-फतेहाबाद-रतलाम-चित्तौडग़ढ़-उज्जैन तक के लिए यात्रियों की मांग पर मेमू ट्रेन की मंजूरी दी थी। इस ट्रेन के लिए डिब्बे भी छह माह पूर्व आ गए हैं, लेकिन इस ट्रेन को रेलवे अब तक चला नहीं पाया है। इस बीच बंगलुरु में हुई टाइम टेबल कमेटी की बैठक में पश्चिम रेलवे के अलग-अलग स्टेशन से 14 नई ट्रेन चलाने की मंजूरी दे दी गई है। जिन 14 ट्रेन को चलाने की मंजूरी दी गई हेै उनमें से 6 यात्री ट्रेन रतलाम रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी।
एक साल पूर्व यात्रियों की मांग पर रेलवे ने उज्जैन-चित्तौडग़ढ़-उज्जैन मेमू ट्रेन की मंजूरी दी थी। इस ट्रेन के लिए यात्री डिब्बे छह माह पूर्व आ चुके है। अब तक इस ट्रेन को इसलिए नहीं चलाया है, क्योंकि ट्रेन को चलाने के मार्ग को लेकर रेलवे और जनप्रतिनिधि आमने-सामने है। रेलवे इसको मंजूर मार्ग उज्जैन-फतेहाबाद-रतलाम सेक्शन से ही चलाना चाहता है, जबकि उज्जैन के जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि इस ट्रेन को उज्जैन-नागदा-रतलाम सेक्शन के रास्ते चित्तौडग़ढ़ तक चलाया जाए।
आईआरसीटीसी की बंगलुरु में 20 जून को हुई बैठक में पश्चिम रेलवे के लिए जिन 14 ट्रेन की मंजूरी हुई है, उसमें से 6 ट्रेनें रतलाम स्टेशन पर भी रुकेगी। इनमें उधना - बनारस - उधना साप्ताहिक ट्रेन, वलसाड - सुबेदारगंज-वलसाड साप्ताहिक को रतलाम-मक्सी-ग्वालियर स्टेशन पर रोका जाएगा. इधर इंदौर - रतलाम - नई दिल्ली सप्ताह में तीन बार चलाने, इंदौर-रतलाम-जयपुर-इंदौर सप्ताह में तीन बार, बड़ोदरा-हरिद्वार-बड़ोदरा साप्ताहिक ट्रेन को रतलाम-नागदा-कोटा-मथुरा सेक्शन से चलाने की मंजूरी भी दी गई है। इसके अलावा पूर्व में मंजूर हुई ट्रेन उज्जैन-चित्तौडग़ढ़ मेमू को फतेहाबाद से चलाने की मंजूरी फिर से दी गई है।