भोपाल: मप्र विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों ने नया मोर्चा खोल लिया है तथा स्पीकर गिरीश गौतम को ज्ञापन देकर चौथा समयमान वेतनमान देने की मांग कर दी है।
मप्र विधानसभा सचिवालय कर्मचारी संघ के संरक्षक राम नारायण आचार्य, अध्यक्ष घनश्याम सिंह, उपाध्यक्ष अनुराग पाठक एवं सचिव चन्द्रशेखर राय ने स्पीकर को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि प्रदेश के अधिकारी एवं कर्मचारियों का वर्ष 2016 से प्रमोशन में आरक्षण के संबंध में प्रकरण उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके कारण अधिकारी एवं कर्मचारी, 35-40 वर्षों की लंबी सेवा अवधि के पूर्ण होने के उपरांत बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
राज्य शासन के द्वारा अधिकारी/कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में सेवा में आगे बढऩे के अवसर नहीं मिलने के फलस्वरूप समयमान वेतनमान दिये जाने का निर्णय लिया है, परंतु शासन ने समयमान में अवधि निर्धारण में (ए बी सी) श्रेणी बनाकर और ए और बी श्रेणी में प्रथम समयमान 8 वें वर्ष द्वितीय समयमान 16 वें वर्ष और तृतीय समयमान 24 वें वर्ष दिया है, जबकि सी श्रेणी में प्रथम समयमान 10 वें वर्ष, द्वितीय समयमान 20 वें वर्ष और तृतीय समयमान 30 वें वर्ष दिया है। इस प्रकार के निर्धारण से संवर्गों में असमानता पैदा कर दी गई है। विशेषकर सी वर्ग के कर्मचारियों के साथ विसंगति उत्पन्न कर न्यायसंगत निर्णय नहीं लिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पदोन्नति न मिलने की दशा में प्रदेश के अधिकारी/कर्मचारियों को पुनर्गणना कर ए, बी श्रेणी के समान ही सी श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारियों को एक समान समयमान का निर्धारण कर प्रत्येक 8 वर्ष के अनसार ही चतुर्थ समयमान 32 वें वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर दिलाया जाये, जिससे प्रदेश के समस्त अधकारी कर्मचारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान की पूर्ति हो सके।
वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियों को भीषण मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है, चतुर्थ समयमान वेतनमान दिये जाने से उन्हें कुछ राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने इस ज्ञापन को अपनी अनुशंसा के साथ वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को भेजने का आश्वासन दिया है।