गुजरनेवाले यात्रियों को चुकाना पड़ रहा कई गुना किराया
भिण्ड: बरही के निकट स्थित चंबल का बड़ा पुल टूट गया है. इसकी मरम्मत का कार्य सोमवार से शुरू कर दिया गया है जोकि करीब 15 दिन तक चलेगा। पुल पर भारी वाहनों का आवागमन कब तक बहाल हो पाएगा, अभी विभागीय स्तर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद यानि करीब एक पखवाड़े तक यहां यातायात प्रभावित रह सकता है। चंबल पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट किए गए हैं. ऐसे में भिण्ड से इटावा और इटावा से भिण्ड आने के लिए करीब 55 से 60 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि ट्रक, डंपर तथा अन्य माल वाहक वाहनों के संचालकों ने भाड़े की दरें भी इन दिनों बढ़ाना शुरू कर दिया है। ऐसे में लोगों को फल, सब्जी तथा अन्य खाद्य पदार्थों पर ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं। चंबल पुल के खराब होते ही डग्गामार वाहन संचालकों की मनमानी भी शुरू हो जाती है। भिण्ड से इटावा तक का किराया केवल 70 रुपए है जबकि पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने से इटावा से चंबल पुल तक 50 रुपए एवं चंबल पुल से भिण्ड तक 70 रुपए वसूले जा रहे हैं। हालांकि दूसरे रूट से जाने वाले वाहनों में सफर करने पर भी मुसाफिरों को कमोबेश इतना ही किराया वहन करना पड़ रहा है। चंबल पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बहाल होने तक समस्या यूं ही रहेगी।
इस संबंध में न तो भिण्ड जिले के परिवहन विभाग की ओर से कोई कदम उठाया गया है और न ही इटावा जिले के आरटीओ कोई कार्रवाई कर पा रहे हैं। प्राइवेट यात्री वाहनों के संचालक ऐसे में मनमाने ढंग से किराया वसूल रहे हैं। वहीं इस मामले पर जिला परिवहन अधिकारी अनुराग शुक्ला से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि आपने मामला संज्ञान में लाया है। आज से ही हम वहां दो बसों को मुसाफिरों के लिए लगाएंगे ताकि प्राइवेट वाहन मनमाना किराया न वसूल पाएं। नियम विपरीत किराया लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।