West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर राज्य में हिंसा हो रही है. बीजेपी ने इस हिंसा के लिए शुक्रवार यानी 16 जून को तृणमूल कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष और राज्य की सीएम ममता बनर्जी को दोषी ठहराया हैं. बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली बीजेपी हेडक्वार्टर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनावों में जिस प्रकार के दृश्य दिखाई दे रहे हैं. हिंसा का जो तांडव दिखाई पड़ रहा है, यह कष्टकारक है. इससे भी अधिक दुखद है, वहां की सरकार की असंवेदनशीलता. हमारे कार्यकर्ताओं पर प्राणघातक हमले हुए हैं.

सुधांशु त्रिवेदी बोले, पश्चिम बंगाल की सरकार और पुलिस जिस प्रकार से बर्ताव कर रही है वो भारत के लोकतांत्रिक और चुनावी इतिहास में एक बहुत ही काला अध्याय है. बंगाल में 341 ब्लॉक हैं. आखिरी दिन यहां, 4 घंटे के अंदर 40 हजार से अधिक लोगों ने नामांकन किया है, वो भी 340 ब्लॉक में यानी एक व्यक्ति के नामांकन का समय औसतन 2 मिनट आता है. इस गति से हुए नामांकन दर्शाते हैं कि स्थानीय सरकार किस तरह से व्यवस्था को अपने हाथ में लिए हुए है. क्या यह लोकतंत्र का उपहास नहीं है?

उन्होंने आगे कहा, मैं TMC को यह कहना चाहता हूं कि यह हिंसा का जो खेल आप खेल रहे हैं, ऐसा ही कम्युनिस्ट सरकार करती थी. आज आप उनका हाल देख लीजिए. अटल जी की लिखी पंक्तियां हैं कि- चिंगारी का खेल बुरा होता है, औरों के घर में आग लगाने का सपना अपने घर में ही अक्सर खरा होता है.

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में जिस तरह के नजारे देखने को मिल रहे हैं वो बेहद दर्दनाक हैं. यह चारों ओर हिंसा है. इससे भी ज्यादा निराशाजनक वहां की सरकार की संवेदनहीनता है. हमारे कार्यकर्ताओं पर घातक हमले हुए हैं. जिस तरह से पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस व्यवहार कर रही है वह भारत के लोकतांत्रिक और चुनावी इतिहास में एक बहुत ही काला अध्याय है.

विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, मैं समस्त विपक्षी दलों से पूछना चाहता हूं- लोकतंत्र का हिंसा से घायल स्वरूप आज जो पश्चिम बंगाल में दिख रहा है. जो मां, माटी, मानुस की बात करती थीं. आज वहां भारत मां के विरुद्ध शक्तियां खड़ी हो रही हैं, माटी खून से सनी है और मनुष्यता पूरी तरह से व्यथित और कलंकित नजर आ रही है. उसको देख कर भी, किसी विपक्षी दल को कोई समस्या नजर नहीं आ रही है.

सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कहते हैं कि भारत में लोकतंत्र लगभग समाप्त हो गया है, मैं उनसे एक स्पष्ट प्रश्न पूछना चाहता हूं. मेरा सवाल है कि पश्चिम बंगाल में जिस स्तर की हिंसा देखी जा रही है, वह क्या दर्शाती है? वह लोकतंत्र फल-फूल रहा है या लुप्त हो रहा है?