भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 16 और 17 जनवरी को दिल्ली में हो रही है। मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत सभी महासचिव, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, सभी प्रदेशाध्यक्ष और बाकी पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें जेपी नड्डा के कार्यकाल पर फैसला होगा।

जेपी नड्डा का कार्यकाल 23 जनवरी को समाप्त हो रहा है। यह माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में सिर्फ सालभर के ही समय को देखते हुए नड्डा को 2024 तक एक्सटेंशन दिया जा सकता है। दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में भाजपा की हार की गाज भी नड्डा पर गिर सकती है। हालाँकि इसकी संभावना कम है।  

नड्डा को एक्सटेंशन मिलने के आसार इसलिए भी अधिक हैं क्योकि इसी साल के आखिर में होने वाले 9 विधानसभाओं के चुनाव भी हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर में भी मई-जून के बीच चुनाव कराए जाने के आसार हैं। ऐसे में भाजपा संगठन में परिवर्तन का जोखिम लेने को तैयार नहीं दिखती। 

फिर भी अगर जेपी नड्डा के नाम पर किसी वजह से सहमति नहीं बनती है, तो भूपेंद्र यादव अध्यक्ष पद की रेस में फिलहाल सबसे आगे बताये जा रहे है। वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी चर्चाओं में है। गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना है।