Wrestlers Case: नाबालिग पहलवान के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस ने बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को क्लीन चिट दे दी है. दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ 7 पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में आज दो अदालतों में चार्जशीट दायर की. 

पहली चार्जशीट 6 बालिग महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई. जबकि, दूसरी चार्जशीट पटियाला कोर्ट में एक नाबालिग की शिकायत पर दर्ज मामले में दाखिल की गई. नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों में बृजभूषण को दिल्ली पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है.

कांग्रेस बोली- 'बेटी डराओ-बृजभूषण बचाओ'

नाबालिग पहलवान से यौन शोषण केस में बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह को दिल्ली पुलिस द्वारा क्लीन चिट मिलने के बाद से ही कांग्रेस अब बीजेपी पर हमलावर हैं. आज सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर कई सवाल खड़े किये.

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बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, एक नाबालिग लड़की बृजभूषण शरण सिंह जैसे बड़े आदमी के खिलाफ POCSO की शिकायत दर्ज करती है, यौन शोषण का आरोप लगाती है. इसके बाद सारा तंत्र, पुलिस, सरकार के मंत्री और सांसद मिलकर उस लड़की के खिलाफ खड़े हो जाते हैं और बृजभूषण शरण सिंह को संरक्षण दिया जाता है. आज भारतीय जनता पार्टी का नारा 'बेटी डराओ-बृजभूषण बचाओ' है.

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, POCSO की शिकायत पर आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया जाता है. लेकिन बृजभूषण शरण सिंह मीडिया में इंटरव्यू देकर मेडल को 15 रुपए का बताता है, रैलियों में शक्ति प्रदर्शन करता है. दिल्ली पुलिस 45 दिन तक पूछताछ तक नहीं करती और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज होती है. खेल मंत्री को कैसे पता चला कि 15 तारीख तक चार्जशीट फाइल हो जाएगी. चार्जशीट दिल्ली पुलिस ने लिखी या भाजपा कार्यालय में लिखी गई.

उन्होंने आगे कहा, जिन बेटियों के साथ मोदी जी फोटो खिंचवाते थकते नहीं थे, आज उनके खिलाफ पूरी ताकत झोंक दी. मोदी सरकार ने हमेशा से आरोपियों और बलात्कारियों को संरक्षण देने का ही काम किया है. बीजेपी ने कुलदीप सिंह सेंगर, चिन्मयानंद कांड, लखीमपुर चीरहरण, उत्तराखंड की अंकिता, हाथरस की गुड़िया, इन सभी मामलों में आरोपियों को संरक्षण दिया है.

सुप्रिया श्रीनेत बोली, हमें विश्वास है कि देश की न्यायपालिका इसका संज्ञान लेगी. मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान बदला गया, वो भी जब आरोपी खुलेआम बाहर घूम रहा था. दिल्ली पुलिस ने बिना वक्त गंवाए क्लीन चिट दे दी. इस देश की बेटियां मोदी सरकार से हर तरह की उम्मीद छोड़ दें.

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अपनी 550 पेज की रिपोर्ट में बताया कि यौन शोषण की शिकायत को लेकर कोई सबूत नहीं मिला है. पुलिस ने कोर्ट में बृजभूषण के खिलाफ नाबालिग यौन शोषण के तहत दर्ज केस को हटाने की सिफारिश की है. इतना ही नहीं पुलिस का कहना है कि यौन शोषण मामले में जांच पूरी होने के बाद इस मामले को रद्द करने की सिफारिश की गई है.