दो साल पहले अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन की गिरफ्तारी मामले से जबरदस्ती चर्चा में आए तत्कालीन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ऑफिसर समोर वानखेड़े अब सीबीआई छापों में घिर गए हैं। जब आर्यन खान केस हुआ था तब वानखेड़े मुंबई विंग के डायरेक्टर थे। 

सीबीआई ने वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। वानखेड़े के साथ इस केस में कई अन्य अधिकारियों और प्राइवेट लोगों के नाम भी हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अब इस मामले में अब एक चौकाने वाला खुलासा सामने आया है। 

सीबीआई के अनुसार, समीर वानखेड़े और उनकी जांच टीम के सदस्य, कॉर्डेलिया क्रूज शिप पर इस रेड के मामले में अरेस्ट हुए लोगों के परिवारों से 25 करोड़ रुपए वसूलना चाहते थे। सीबीआई के केस में गवाही देने वालों में से एक प्रभाकर सैल ने खुलासा किया कि उसके मालिक, के. पी. गोसावी ने कहा था कि उन्होंने आर्यन को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये मांगे हैं. जिसमें से आधे समीर वानखेड़े को दिए जाएंगे और बाकी बची रकम वे खुद रख लेंगे।

सीबीआई ने अपने बयान में बताया कि केस में शामिल सभी लोगों पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से समीर वानखेडे के निर्देश पर, क्रूज केस के आरोपियों पर इस रखने का आरोप लगाने की धमकी दी। 

बयान में ये भी कहा गया है कि ये सभी लोग 25 करोड़ रुपये वसूलने की कॉन्सपिरेसी में शामिल थे और उन्हें एडवांस में बतौर रिश्वत, 150 लाख रुपये मिले भी थे। इसी मामले में दिल्ली, रांची, मुंबई, लखनऊ और चेन्नई समेत 29 जगहों पर सर्च किया गया है तथा कई दस्तावेज, चीजें और नकदी बरामद हुई है।