भोपाल: राज्य सरकार ने पिछली कमलनाथ सरकार के समय 30 अगस्त 2019 को बने मप्र रेत खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार नियम में तीन साल बाद बदलाव किया है। नये बदलाव के अनुसार, अब पूर्व में अनुमोदित खनन योजना का हस्तांतरण जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा।

उक्त बदलाव इसलिये किया गया है क्योंकि रेत के ठेकों को देने के बाद आवंटित स्थल की खनन योजना बनवाना होती है तथा यह खनन योजना पांच साल के लिये बनती है।

इन पांच सालों के बीच किसी कारण से ठेकेदार काम छोड़ देता है और टेण्डर के जरिये नये ठेकेदार का चयन किया जाता है तो उसे फिर से खनन योजना बनवाने की जरुरत नहीं होगी तथा पहले की बनी खनन योजना को ही कलेक्टर नये ठेकेदार को हस्तांतरित कर सकेंगे।