भोपाल. पालपुर कूनो में चीता लाने के प्रोजेक्ट के अंतर्गत डीएफओ, एसीएफ और वन्य प्राणी चिकित्सक रविवार को दिल्ली से साउथ अफ्रीका और नामीबिया के लिए रवाना होंगे. दिलचस्प पहलू यह है कि सीसीएफ और डायरेक्टर लाएन प्रोजेक्ट सीएस निनामा की यात्रा पर अचानक ब्रेक लग गया. जबकि निनामा की यात्रा को लेकर पॉलिटिकल क्लीयरेंस और टिकट भी हो गया था.
एनटीसीए के डीआईजी राजेंद्र जी गार्डवाड 19 मई को पर्यावरण एवं जल परिवर्तन मंत्रालय को चीता प्रोजेक्ट को लेकर नामीबिया और साउथ अफ्रीका की यात्रा के लिए चार अधिकारियों का चयन सूची भेजी थी, उसमें सीसीएफ सीएस निनामा, डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा, एसीएफ अमृतांशु सिंह और वन्य प्राणी चिकित्सक ओमकार अंचल के नाम शामिल थे. इस टीम को निनामा लीड करने वाले थे.

अचानक प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल ने उनकी यात्रा पर रोक लगा दी. इस रोक के साथ उन्होंने तर्क दिया कि उनकी यात्रा से विभाग को लाभ नहीं होगा, क्योंकि वह 31 अगस्त को रिटायर हो जाएंगे. उनकी स्तर के साथ यह भी संकेत मिलते हैं कि पालपुर कूनो में चीता प्रोजेक्ट अगस्त के बाद मूर्तरूप लेगा. अब टीम का नेतृत्व एनटीसीए के डीआईजी राजेंद्र जी गार्डवाड करेंगे.
10 जून को होगी टीम की वापसी-
चीता प्रोजेक्ट के लिए पालपुर कूनो टीम साउथ अफ्रीका और नामीबिया यात्रा की 11 दिवसीय यात्रा के लिए रविवार को रवाना होंगे. टीम 30 मई को जोहांसबर्ग दक्षिण अफ्रीका पहुंचेगी. यहां अफ्रीकन अफसर प्रदेश की टीम को चीता की डाइट से लेकर एंक्लोजर मैनेजमेंट के गुर सिखाएंगे. 4 जून से कुनो टीम का दौरा नामीबिया का होगा.
कौन है निनामा-
सीएस निनामा लायन प्रोजेक्ट और माधव नेशनल पार्क शिवपुरी के डायरेक्टर है. माधव नेशनल पार्क के दो दशक पुराने दो हजार हेक्टेयर वन भूमि पर से अतिक्रमण को हटाया. इसके लिए वन विभाग ने उन्हें पुरस्कृत भी किया है. वे नामीबिया और साउथ अफ्रीका की यात्रा को लेकर बड़े उत्साहित थे. यात्रा पर रोक लगाए जाने से बड़े दुखी है. निनामा ने यक्ष प्रश्न उठाया कि क्या मैं 31 अगस्त को रिटायर हो रहा है इसलिए मेरी यात्रा रोक दी गई है ?