भोपाल: प्रदेश में अब आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस तथा अन्य वर्ग एक के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के जांच की अनुमति मुख्यमंत्री देंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने नये दिशा-निर्देश सभी विभागों को जारी कर दिये हैं।
जारी दिशा-निर्देशों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17 ए के अंतर्गत प्रकरणों का मानकीकरण एवं संचालन के संबंध में प्रक्रिया के निर्धारण के बारे में कहा गया है कि धारा 17 ए के अंतर्गत निर्णय लेने संबंधी सक्षम प्राधिकारी अखिल भारतीय सेवा एवं वर्ग-1 के अधिकारियों के मामले में समन्वय में मुख्यमंत्री होंगे तथा वर्ग-2, वर्ग-3 एवं वर्ग-4 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामले में संबंधित प्रशासकीय विभाग होगा।
17 ए के अंतर्गत अनुमति हेतु प्राप्त प्रस्ताव का सर्वप्रथम संबंधित प्रशासकीय विभाग के नामांकित अधिकारी द्वारा चेकलिस्ट अनुसार प्रस्ताव की पूर्णता की जांच की जाएगी। प्रस्ताव पूर्णरूपेण होने की स्थिति में संबंधित विभाग प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त कर अखिल भारतीय सेवा एवं वर्ग -1 के अधिकारेयों के मामलों में समन्वय में आदेश प्राप्त करेगा एवं अन्य के मामलों में प्रशासकीय अनुमोदन के आधार पर निर्णय अनुसार जांच एजेन्सी को निर्णय से अवगत करायेगा।