Central Ordinance On Delhi: हाल ही में दिल्ली सरकार के पक्ष में सुनाए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को केंद्र सरकार ने पलट दिया. शुक्रवार 19 मई देर रात केंद्र ने एक अध्यादेश लाकर वापस से ग्रुप ए अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली के उप-राज्यपाल को सौंप दिया है.
केंद्र सरकार की ओर से जारी अध्यादेश के मुताबिक, अधिकारियों की पोस्टिंग पर दिल्ली सरकार फैसला जरूर ले सकती है लेकिन इस पर अंतिम मुहर उपराज्यपाल ही लगाएंगे. यानी की अब अधिकारियों के तबादले का फैसला मुख्यमंत्री अकेले नहीं ले सकते हैं. तो वहीं, केंद्र ने 20 मई के दिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका भी दायर कर दी है. ऐसे में केंद्र के इस अध्यादेश पर सियासत काफी तेज है. इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी विपक्षी एकजुटता के तहत बीजेपी को घेरने में लगी हुई है.
इसी सिलसिले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुंबई में उनके आवास पर मुलाकात की है. सीएम केजरीवाल ने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी की लड़ाई में उद्धव गुट का समर्थन मांगा हैं. उद्धव से मुलाकात के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, राघव चड्ढा और दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी भी केजरीवाल के साथ नज़र आई.
अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश-
सीएम केजरीवाल आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से भी मुलाकात करेंगे. केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आप की लड़ाई में उनका समर्थन मांगेंगे. अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी दलों से समर्थन मांगने के अपने देशव्यापी दौरे के तहत सीएम केजरीवाल ने कल कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात की. बता दें कि सीएम केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि मैं विपक्षी नेताओं से बात करूँगा कि राज्य सभा में जब ये आर्डिनेंस आएगा तो ये पास मत होने देना, क्योंकि ये लोकतंत्र विरोधी है.