देशभर की तरह मध्यप्रदेश में भी बच्चों के लिए आंगनवाड़ी चलाई जा रही हैं जहां उन्हें पोषण आहार दिया जाता है. प्रदेश में इन आंगनवाड़ी को अब विकसित कर बच्चों के संपूर्ण विकास का केंद्र बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसके लिए सीएम शिवराजसिंह चौहान ने अनोखी पहल करते हुए आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने और अन्य सामग्री एकत्रित करने हाथठेला लेकर निकले. अब उन्होंने एक लंबा ट्वीट कर आमजनों से भी इसके लिए आगे आने की अपील करते हुए सहयोग मांगा है. जानिए उन्होंने ट्वीट में क्या संदेश दिया है—

प्रिय बहनों और भाइयों बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और वर्तमान भी। स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित बच्चे समर्थ राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodiजी के नेतृत्व में एक वैभवशाली,गौरवशाली,संपन्न,समृद्ध और शक्तिशाली भारत के निर्माण का महायज्ञ चल रहा है।

इस महायज्ञ की पूरी सफलता के लिए जरूरी है कि हमारे बच्चे पूर्णत: स्वस्थ रहें। आंगनवाड़ी माध्यम है बच्चों को स्वस्थ रखने, सुशिक्षित करने, बेहतर संस्कार देने और उनकी बेहतर ग्रोथ का; लेकिन आंगनवाड़ी केवल सरकार की जवाबदारी नहीं है।

सरकार संसाधन जुटा रही है, पोषण आहार भेज रही है, व्यवस्थाएं बना रही है, लेकिन समाज की भी तो कोई जवाबदारी है। मेरी, हमारी, आपकी क्या अपने बच्चों के प्रति कोई जवाबदारी नहीं है? और इसलिए हमने सोचा कि आंगनवाड़ी केवल सरकार न चलाये, सरकार के साथ समाज को भी जोड़ा जाये।

इसलिए हमने आंगनवाड़ी गोद लें अभियान प्रारंभ किया, कई लोगों ने आंगनवाड़ी गोद ली, लेकिन कुछ व्यक्ति ही आंगनवाड़ी गोद क्यों लें? वे अपना काम करेंगे, लेकिन हम भी तो आंगनवाड़ी से जुड़ें।

आंगनवाड़ी में संपूर्ण पोषण आहार मिले, शिक्षा देने की व्यवस्था ठीक हो, खेलकूद की व्यवस्था की जाये, आज इसकी आवश्यकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी को समाज से जोड़ने के लिए, आंगनवाड़ियों में संपूर्ण संसाधन की व्यवस्था के लिए मैं भोपाल में हाथ ठेला लेकर निकला था, बच्चों के लिए खिलौने और अन्य सामग्री एकत्रित करने के लिए।

मैं यह बताते हुए भावविभोर हूं, लोगों ने दोनों हाथ खोल कर दिया। मैं तो हाथ ठेला लेकर निकला था, लेकिन खिलौनों से ट्रक भर गये, अनेक प्रकार की सामग्री आ गई, लाखों रुपये आ गये, मेरा उत्साह और बढ़ गया। समाज को आंगनवाडी से जोड़ने का अभियान अब एक सामाजिक आंदोलन बन रहा है।

मैं आप से अपील करता हूं कि आप भी इस अभियान से, इस आंदोलन से जुड़िये।

आप आंगनवाड़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग कर सकते हैं। किसान हैं, तो अनाज दे दीजिए। व्यापारी हैं, तो सामग्री दे दीजिए। अन्य काम में लगे व्यक्ति हैं, तो अपनी सामर्थ्य अनुसार कुछ न कुछ जरूर दीजिये।

अगर आपका जन्मदिन है, तो आंगनवाड़ी के बच्चों के साथ मनायें। आप ना जायें, तो वहां दूध, फल या कोई पोषण आहार की सामग्री भिजवा दें।

माताजी या पिताजी की पुण्य स्मृति में आंगनवाड़ी में भोजन करा सकते हैं बच्चों के जन्मदिन पर भी आप आंगनवाड़ी में सामग्री भेंट कर सकते हैं।

मैं आपसे आज भावुक अपील कर रहा हूं कि आंगनबाड़ी से जुड़िए, मतलब अपने बच्चों से जुड़िये, अपने देश के भविष्य से जुड़िये।

मैं उनसे आह्वान कर रहा हूं, जो बच्चों के लिए सामान एकत्रित करने के लिए निकल सकते हैं, जैसे मैं भोपाल में निकला; मित्रों आप अपने शहर, अपने गांव में निकलिए, सामग्री एकत्रित कीजिए और आंगनवाड़ी को भेज दीजिए।

हर व्यक्ति सामान लेने नहीं जा सकता है,लेकिन हममें से कई ऐसे लोग हैं, जो इस काम के लिए जा सकते हैं।

मैं हाथ ठेला लेकर निकल सकता हूं,तो आप भी निकलिए। आइए, संकल्प करें हमारे प्रदेश में हर बच्चा पूर्णत: स्वस्थ होगा, कोई अंडरवेट नहीं रहेगा। आंगनवाड़ी में पोषण आहार की कमी नहीं रहेगी।

शेष आवश्यकताओं की पूर्ति हम करेंगे, समाज करेगा।

ये आंगनवाड़ी से समाज को जोड़ने का अभियान है, बच्चों को स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित बनाने का महायज्ञ है, आप भी इसमें अपनी आहुति डालिये। बहुत-बहुत धन्यवाद!