मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह अपने सख्त मिजाज के लिए जाने जाते हैं. प्रशासनिक अव्यवस्थाओं, लापरवाही, लेट लेटलतीफी पर वे अक्सर अपने अधीनस्थों पर भड़क जाते हैं. कुछ माह पहले डबरा में उपचुनाव में अव्यवस्थाएं देख वे भड़क उठे थे और कर्मचारियों को फांसी पर लटकाने तक की बात कह दी थी। अब एक और वाकया सामने आया जब उन्होंने अफसरों को सरेआम गधे और बदतमीज कहा. वे अव्‍यवस्‍थाओं पर गुस्सा गए थे, उन्होंने अफसरों को जबर्दस्त फटकार लगाई.

वे गुरुवार को मतदान केंद्र का निरीक्षण करने गए थे पर वहां अव्यवस्थाएं देख भड़क गए। डबरा में कर्मचारियों को रवाना होने में हो रही देरी पर कलेक्टर गुस्सा उठे. उन्होंने अफसरों से कहा कि ये तो बदतमीजी है, मुझे कैंपस जल्द ही खाली चाहिए। इस दौरान उन्होंने वहां तैनात अफसरों को गधे तक कह दिया। कलेक्टर पंचायत चुनाव में लगे मतदान दलों के रवाना होने की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए यहां पहुंचे थे. उनके साथ आए अन्य अफसर वापस लौटने लगे थे लेकिन कलेक्टर ने उनसे साफ कह दिया कि मैं तो अब मतदान दलों को रवाना करके ही आऊंगा।

त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में जिले की पंचायतों में 25 जून को मतदान होना है। इसके लिए निर्वाचन काम में लगे कर्मचारियों और मतदान दलों को पोलिंग बूथों के लिए रवाना किया जाना था। डबरा में मतदान सामग्री वितरण कर मतदान दलों को रवाना किए जाने का काम चल रहा था पर वहां कई अव्यवस्थाएं भी थीं। सभी चुनावी कर्मचारियों को यहां सुबह से बुला लिया गया और उन्हें भरी गर्मी में धूप में खड़ा कर दिया था। इसी दौरान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह वहां निरीक्षण के लिए आ पहुंचे। कर्मचारियों ने भी मौका देख कलेक्टर से इस बात की शिकायत उनसे कर दी।

इससे कलेक्टर अफसरों पर भड़क उठे। डबरा के केंद्र में तैनात अफसरों को उन्होंने बदतमीज और ***** तक कह डाला. अपने साथ आए अन्य अफसरों से कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि वे तो अब मतदान दलों को रवाना करके ही यहां से जाएंगे। अव्यवस्थाओं या लापरवाही को लेकर कलेक्टर कोैशलेंद्र विक्रमसिंह अक्सर भड़क जाते हैं। उप चुनाव के दौरान भी डबरा में ही अव्यवस्थाएं देख वे अधिकारियों पर भड़क उठे थे। तब तो उन्हाेंने कर्मचारियों को फांसी पर लटकाने तक की बात सरेआम कह दी थी। इस बार कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह वरिष्ठ अफसरों के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर भड़क उठे।