असमंजस में सरकार, निकाय चुनाव संबंधी अध्यादेश राजभवन भेजने से इनकार..!
भोपाल,
इस बीच बुधवार सुबह राज्य सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मप्र में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत से लेकर ग्राम- जनपद व जिला पंचायत के चुनाव से जुड़ा कोई भी अध्यादेश अभी तक राजभवन नहीं भेजा गया है। दरअसल कमलनाथ सरकार ने दो दशक पुराने पैटर्न के मुताबिक पार्षदों का चुनाव सीधे कराने और पार्षदों द्वारा महापौर व अध्यक्ष का चुनाव कराने का फैसला किया था। सूत्रों की मानें तो भाजपा के भीतर पहले यही राय थी कि महापौर अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा ही कराया जाए, बाद में यह राय कुछ कमजोर पड़ी है और इस बात पर सहमति बन रही है कि चुनाव पुराने पैटर्न या नाथ सरकार के फैसले के मुताबिक ही हो।
इसके पीछे सियासी हालातों को भी वजह बताया जा रहा है। दरअसल मौजूदा हालातों में सत्ताधारी दल के लिये यह चुनाव जोखिम की तरह हैं, क्योंकि यह विधानसभा चुनाव के करीब सवा साल पहले हो रहे हैं। ज्ञात हो कि पार्षद दल द्वारा नेता का चुनाव करने में जोड़-तोड़ की भी गुंजाइश मानी जाती है। सूत्रों का कहना है कि बीती रात भी सरकार ने इस मामले में काफी विचार विमर्श किया है। निकायों में पिछले काफी समय से भाजपा की ही सत्ता रही है।
हम पर लगाए आरोपों की हवा निकली:
इधर, निकाय चुनाव पर सरकार के ताजा रवैये पर मप्र कांग्रेस ने चुटकी ली है। मीडिया कार्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव को लेकर घबराई हुई है। इसीलिये ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है। जब कांग्रेस ने अपनी सरकार के वक्त चुनाव का पैटर्न बदला था, तो भाजपा ने हम पर खरीद फरोख्त की संभावना जैसे आरोप मढ़ने शुरू कर दिये थे। लेकिन अब भाजपा सरकार का जो रुख है उससे उसके आरोपों की हवा खुद निकल गई है। कांग्रेस सरकार ने जनता की राय पर फैसला किया था।
जल संकट पर सीएम ने पीएस को जगाया, अफसरों से कहा-गहराई में जाओ
नरसिंहपुर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह रायसेन व नरसिंहपुर जिले के हालातों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंस में की। इसमें सभी मैदानी अफसर व प्रभारी मंत्री मौजूद थे। उन्होंने रायसेन जिले के मंडीदीप में पेयजल की समस्या के संबंध जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल प्रमुख सचिव नगरीय कल्याण एवं आवास मनीष सिंह को वर्चुअली बैठक में जोड़ने के निर्देश दिए तथा समस्या का तत्काल निराकरण करने को कहा। इसी क्रम में प्रमुख सचिव संजय दुबे को वर्चुअल बैठक से जोड़कर नरसिंहपुर जिले के जले हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने में हो रहे विलंब तथा बिजली बिल राहत योजना के अंतर्गत लगे कैम्पों का पुनः आकलन कर बिजली सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कैम्प केवल रस्म के तौर पर न लगाए जाएं, यह सुनिश्चित करें कि लोगों की समस्याओं का समाधान हो और उन्हें राहत मिले। बताया जाता है कि नरसिंहपुर में सीएम ने लॉ एंड
मध्यप्रदेश में नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव से जुड़ा कोई भी अध्यादेश अब तक राजभवन नहीं भेजा गया है। pic.twitter.com/8OwqW9j2gk
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) May 25, 2022
ऑर्डर की स्थिति की भी जानकारी ली। जब उन्हें बताया गया कि कोई बड़ा क्राइम पिछले एक साल में नहीं हुआ। रेत के विवाद भी नहीं हो रहे हैं। इस पर सीएम ने कहा कि मैं संतुष्ट नहीं हूं। अवैध शराब बिक्री की खबर मेरे पास है। आप क्या कर रहे हैं? आप अंदर गहराई में जाओ।
बैठक में सीएम ने भोपाल में आंगनबाड़ियों के लिए मार्ग सहयोग का हवाला देते हुए कहा कि मैं कल भोपाल में आगनवाड़ियों के लिए सामग्री एकत्र करने के उद्देश्य से सड़कों पर निकला। कुल 800 मीटर की यात्रा में जनता की ओर से दस ट्रक सामग्री और दो करोड़ रुपये के चैक प्रदान किए। यह जनभागीदारी का अद्भुत प्रयोग रहा। कोशिश करें कि किसान अनाज दें, लोग अपने जन्म दिवस, वर्षगांठ, परिजनों के पुण्य स्मरण में आंगनवाड़ियों की गतिविधियों में योगदान दें।