MP News: मध्य प्रदेश में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। किसानों और पर्यटकों को राहत मिली है, लेकिन सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं रेलवे ट्रैक बह गया है तो कहीं स्कूल की सड़कें पानी से लबालब हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। एमपी में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन रहा है, जिसके कारण गरज और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है।

आईएमडी ने 4 जुलाई को 7 जिलों में और 5 जुलाई को 14 जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में लगातार बारिश ने कहर बरपाया है। हालांकि, प्रदेश के किसानों और यहां आने वाले पर्यटकों को राहत मिली है, लेकिन सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं रेलवे ट्रैक बह गया, तो कहीं स्कूल की सड़कें पानी में डूब गईं। 

4 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश..

शुक्रवार को पन्ना, दमोह, सतना, मऊगंज, सीधी, रीवा और जबलपुर समेत 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है- झाबुआ, रतलाम, राजगढ़, मंदसौर, हरदा, विदिशा, सागर, सीहोर, नर्मदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्ना, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, मंडलनगर, अशनपुर, मंडलनगर, कटनी। शिवपुरी, मुरैना, भिंड, गुना और निवाड़ी।

यहां 5 जुलाई को बारिश कहर बरपा सकती है..

शनिवार 5 जुलाई को नीमच, मंदसौर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, सतना, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, सिवनी और मंडला में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है- भोपाल, जबलपुर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, बलवर्धन, चिन्विनपुर, छीनगढ़। अनूपपुर, शहडोल, मऊगंज, रीवा, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और श्योपुर।

मुरैना के कैलारस कस्बे से गुजरने वाली ग्वालियर श्योपुर ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक की मिट्टी पिछले दिनों भारी बारिश में बह गई, जिससे ट्रैक में दरारें आने लगी हैं। वहीं रेलवे ट्रैक का पानी आसपास की बस्तियों में भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा नेता राजेंद्र शुक्ला ने झांसी रेल मंडल के डीआरएम से शिकायत की, जिसके बाद गुरुवार को उपयंत्री अपनी टीम के साथ कैलारस आए। उन्होंने निरीक्षण कर सुधार का आश्वासन दिया।

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में सबसे ज्यादा बारिश हो रही है, यहां बारिश की वजह से नर्मदा नदी उफान पर हैं। लगातार हो रही बारिश से डिंडोरी में हालात बिगड़ गए हैं। यहां दवाईयों और किराने की दुकानों में पानी घुस गया। 

बताया जा रहा है कि कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अभी भी बारिश की चेतावनी जारी की गई।डिंडौरी में नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, मूसलाधार बारिश के चलते सहायक नदी नाले उफान पर पर है, जबकि नर्मदा किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि देर रात से ही यहां लगातार बारिश हो रही है।

भारी बारिश की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, कई गांवों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से टूट गया है। जबकि भारी बारिश के चलते डिंडौरी-मंडला स्टेट हाइवे पर भी जाम लग गया है। वहीं खरमेर नदी उफान पर आने से जिला मुख्यालय का कई गांवों से संपर्क पूरी तरह से टूट गया।

बारिश के कारण अंगूरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे नरेटा गांव के स्कूल जाने वाले 70 बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है। दतिया ब्लॉक के नरेटा गांव के 70 बच्चे भांडेर तालुका के तागा गांव में पीएम श्री स्कूल में पढ़ते हैं। दरअसल गांव और स्कूल के बीच नदी पर कोई पुल या सेतु नहीं है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। 

नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को नदी पर पुल बनाने के संबंध में पत्र लिखा है। नदी पार कर स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को महज एक किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि दूसरे रास्ते से गुजरने के लिए बच्चों को सात से आठ किमी पैदल चलना पड़ता है। यह रास्ता हाईवे से होकर गुजरता है, जिससे बच्चों के अभिभावक बचते हैं।

आपको बता दें, कि प्रदेश में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से भारी बारिश जारी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल, शिवपुरी, मंडला, रीवा, छतरपुर और दतिया समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई। मंडला में भारी बारिश से कई गांवों में बाढ़ आ गई है। शिवपुरी में भी भारी बारिश से शहर और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ आ रही है। सिंधु नदी पर आए तूफान के चलते अटल सागर बांध के दो गेट खोले गए। भोपाल में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी में सबसे ज्यादा 103 मिमी बारिश दर्ज की गई है. वहीं सैलाना (रतलाम) में 97 मिमी, चंदिया (उमरिया) में 95.2 मिमी, जीरापुर (राजगढ़) में 62 मिमी, व्याबरा (राजगढ़) में 56.2 मिमी और सुसनेर (आगर मालवा) में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विज्ञानी दिव्या सुरेंद्रन का कहना है कि मध्य प्रदेश के ऊपर से मानसून का खतरा मंडरा रहा है. वहीं, प्रदेश में एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र भी सक्रिय है. इसके चलते प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. अगले 4 दिनों तक विदेशों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.