खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के स्वयंभू प्रमुख अवतार सिंह खांडा की आज लंदन के बर्मिंघम के सैंडवेल अस्पताल में मौत हो गई। खांडा UK में तिरंगे का अपमान और लंदन में भारतीय उच्चायोग में हुई हिंसा का मुख्य जिम्मेदार था।

अवतार एक आईएसआई एजेंट अमृतपाल सिंह का हैंडलर भी था और जब वह भारतीय एजेंसियों से भाग रहा था, तब उसने 30 दिनों तक उसे छिपाने में भी मदद की थी। UK में कुछ समय से उठ रही खालिस्तान की मांग खांडा की ही देन है।

खांडा की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। कहा ये भी जा रहा है, कि वह ब्लड कैंसर के फर्स्ट स्टेज में था। जिससे उसकी मौत हुई। ये भी कहा जा रहा है, कि अज्ञात लोगों द्वारा 'जहर' दिए जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद खांडा को कुछ समय के लिए वेंटीलेटर पर रखा गया लेकिन उनकी मौत हो गई।

खांडा को रणजोध सिंह के नाम से भी जाना जाता है। वह ब्रिटेन में एक राजनीतिक शरण चाहता था। वह तथाकथित खालिस्तान के लिए अलगाववादी आंदोलन के प्रति सिख युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में सहायक था। उसके पिता एक केएलएफ आतंकवादी थे, जिन्हें 1991 में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था और उसकी मां केएलएफ के एक अन्य आतंकवादी गुरजंत सिंह बुद्धसिंगवाला से संबंधित थीं।

खांडा मारे गए केएलएफ आतंकी कुलवंत सिंह का बेटा है। 2012 में वहां शरण लेने से पहले वह 2007 में स्टडी वीजा पर यूके गया था। खांडा कथित तौर पर जनवरी 2020 में पाकिस्तान में पूर्व प्रमुख हरमीत सिंह की हत्या के बाद कोड नाम 'रणजोध सिंह' के तहत केएलएफ का नेतृत्व कर रहे थे। ऐसा माना जाता था कि दीप सिद्धू की मृत्यु के बाद वारिस पंजाब डे के प्रमुख के रूप में अमृतपाल सिंह को स्थापित करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।