तुर्की और सीरिया में भूकंप से  अब तक करीब 8000 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों की संख्या 25 हजार के करीब पहुंच गई है। हालात जिस तरह  बदतर होते जा रहे हैं उससे यह आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और भी बढ़  सकती है। सरकार ने भूकंप प्रभावित इलाकों  महीने तक इमरजेंसी लागू  कर दी है। 

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) मुताबिक़ मौत का आंकड़ा 20 हजार तक जा सकता है। ​​​​​तुर्किये में ही 5,894 लोगों की जान जा चुकी है और 34 हजार 810 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। सीरिया में 1,932 लोग मारे गए और 2 हजार से ज्यादा जख्मी हैं। 

तुर्की और सीरिया में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद हजारों इमारतों के मलबे में बचे लोगों को ढूंढ़ने के लिए बचावकर्मी काम में लगे हुए हैं।  दुनियाभर के देशों ने बचाव एवं राहत कार्यों में मदद के लिए टीम भेजी हैं।

अकेले तुर्की में ही लगभग 6,000 इमारतों के ढहने की पुष्टि हुई है। तुर्की के उपराष्ट्रपति फुअत ओकते के मुताबिक़ अकेले तुर्की में ही इमारतों के मलबे से 8,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और करीब 3,80,000 लोगों ने सरकारी आश्रय स्थलों या होटलों में शरण ली है। 

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 24 हजार से ज्यादा बचावकर्मी तैनात किए हैं लेकिन आपदा में बचे हुए लोगों तक पहुंचने के प्रयास में शून्य से नीचे का तापमान और करीब 200 की संख्या में आए भूकंप के बाद के झटके भी बाधा बन रहे हैं, इससे अस्थिर ढांचों के भीतर लोगों को खोजना काफी खतरनाक हो गया है।