राजस्थान पुलिस का हेल्पलाइन नंबरों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आईडिया मप्र समेत तमाम पुलिस हेल्पलाइन के लिए भी एक आईडिया हो सकता है। दरअसल, अब राजस्थान पुलिस महिला उत्पीड़न की शिकायतों के लिये गुलाम अली की मशहूर ग़ज़ल 'चुपके-चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है' का सहारा ले रही है। 

अपने सोशल मीडिया कैंपेन में महिलाओं को अवेयर करने के लिए राजस्थान पुलिस ने एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें गुलाम अली खान की गजलों की दो लाइन 'चुपके चुपके रात दिन, आंसू बहाना याद है' के साथ महिला उत्पीड़न होने पर हेल्पलाइन पर कॉल करने की सलाह दी है।

इससे पहले भी वह शाहरुख खान से लेकर सनी देओल व अन्य सेलिब्रिटीज के डायलॉग को इस्तेमाल करती रही है। पहली बार गजलों का सहारा लिया है। इसे राजस्थान पुलिस की महिला हेल्पलाइन को प्रमोट करने का प्रयास है। यह सोशल मीडिया पर देखने को मिला है। 

उल्लेखनीय है कि बीते लंबे समय से राजस्थान पुलिस लगातार सोशल मीडिया को क्रिएटिव अंदाज में अपनी बात रख रही है। इसके तहत आम लोगों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जागरूकता और सजगता लाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। साथ ही इस तरह से चाइल्ड हेल्प लाइन, गरिमा हेल्पलाइन, सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन, पुलिस हेल्प लाइन आदि के नम्बरों व उनके बारे में जानकारी को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। राजस्थान पुलिस सोशल मीडिया के जरिए पहले भी नए तरह के प्रयोग कर चुकी है। इससे पहले न्यू ईयर पर ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान, वेलेंटाइन डे पर साइबर अवेयरनेस कैंपेन और होली पर हुडदंग के खिलाफ साइबर अभियान चलाया गया था।