भोपाल: जल संसाधन संभाग मंदसौर में पदस्थीह के दौरान रेतम बैराज के निर्माण में की गई अनियमितताओं के लिये पांच इंजीनियरों के खिलाफ अब संयुक्त विभागीय जांच होगी। इन्हें तीन साल पहले 2 अगस्त 2019 को आरोप-पत्र जारी किये गये थे परन्तु उनके जवाब समाधानकारक नहीं पाये गये थे।

ये पांच इंजीनियर हैं : तत्कालीन कार्यपालन यंत्री अरविन्द खरे, तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन यंत्री एसएस गहरवार एवं तीन तत्कालीन उपयंत्री आरके सांकला, जेसी कुमावत एवं एचके देवड़ा। संयुक्त विभागीय जांच के लिये अधीक्षण यंत्री रतलाम को जांच अधिकारी तथा कार्यपालन यंत्री मंदसौर को प्रस्तुतकत्र्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह था मामला :

रेतम बैराज के स्टीलिंग बेसिन का निर्माण कार्य ठेकेदार रुपलाल दौलतराम कुमावत द्वारा 11 अगस्त 2010 को पूर्ण किया गया था जो वर्ष 2011 की वर्षाऋतु के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। रेतम बैराज बेसिन के सुधार कार्य पर 32 लाख 70 हजार रुपये संभावित व्यय होना था तथा यह कार्य ठेकेदार को करना था लेकिन ठेकेदार की जमा सुरक्षा निधि का 50 प्रतिशत अर्थात 7 लाख 96 हजार 862 रुपये 22 नवम्बर 2014 को ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया जिससे शासन को 40 लाख 66 हजार 862 रुपये की आर्थिक क्षति हुई।