भोपाल: राज्य सरकार ने केन घडिय़ाल अभयारण्य खजुराहो, पन्ना के अंतर्गत मझगांय ग्रामीण समूह जल प्रदाय परियोजना के अंतर्गत 0.1261 हैक्टेयर वन भूमि प्रदान कर दी है। राज्य वन्य प्राणी बोर्ड में यह मामला आया था जिस पर सहमति मिल गई थी।
उक्त अभयारण्य में अब राईट ऑफ वे में 4 इंच व्यास की पीने के पानी की भूमिगत पाइप लाईन बिछाई जायेगी। इसके लिये मप्र जल निगम के पन्ना स्थित परियोजना क्रियान्वयन इकाई के महाप्रबंधक को इस शर्त के साथ अनुमति दी गई है कि वन एवं वन्यप्राणियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जायेगा एवं रात्रि में कोई कार्य नहीं किया जायेगा तथा निर्माण सामग्री अभयारण्य के बाहर से लाई जायेगी।
इधर मंत्री के कहने पर दी चम्बल अभयारण्य में दी अनुमति :
राज्य सरकार ने भिण्ड जिले की अटेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं सहकारिता मंत्री अरविन्द भदौरिया के कहने पर राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के अंतर्गत चम्बल पदी पर आधारित कनैरा सिंचाई एवं पेयजल योजना तहसील अटेर जिला भिण्ड में 0.95 हैक्ैटेयर भूमि जल संसाधन विभाग के भिण्ड स्थित कार्यपालन यंत्री को प्रदान करने की अनुशंसा प्रदान कर दी है। इससे वहां के 13 गांवों को पेयजल एवं सिंचाई की सुविधा मिलेगी। हालांकि राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के दो सदस्यों रिटायर्ड पीसीसीएफ वन्य प्राणी डा. एचएस पाबला एवं रिटायर्ड वन बल प्रमुख एनएस डुंगरियाल ने इसका यह कहकर विपरोध किया था कि उक्त परियोजना हेतु उद्वहन किये जाने वाले जल से अभयारण्य के जलीय जीवों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। लेकिन इसके बावजूद भी यह अनुशंसा प्रदान कर दी गई है तथा अब इस अनुशंसा को राष्ट्रीय वन्य प्रारणी बोर्ड को भेजकर उसकी सहमति ली जायेगी।