भोपाल: प्रदेश में रातापानी टाईगर रिजर्व तथा उत्तर सागर अभयारण्य को बनाने के लिये वन मंत्री विजय शाह संबंधित क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों जिनमें सांसद एवं विधायक भी शामिल हैं, चर्चा करेंगे। इसके लिये वन विभाग तैयारी कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि रातापानी अभयारण्य दो जिलों रायसेन एवं सीहोर में स्थित ओबेदुल्लागंज वनमंडल में आता है। यह अभयारण्य 763.812 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। चूंकि यह अभयारण्य रायसेन के सिंघोरी एवं देवास के खिवनी अभयारण्य भोपाल वनमंडल के साथ एक वृह्द लेण्डस्केप बनाते हैं इसलिये इन तीनों में अखिल भारतीय बाघ गणना वर्ष 2018 के अनुसार कुल 45 बाघ पाये गये हैं।
इसीलिये रातापानी अभयारण्य को सातवें टाईगर रिजर्व के रुप में घोषित करने की तैयारी चल रही है। प्रदेश में छह अन्य टाईगर रिजर्व मंडला/बालाघाट जिले में कान्हा, उमरिया जिले में बांधवगढ़, सिवनी/छिन्दवाड़ा जिले में पेंच, पन्ना/छतरपुर जिले में पन्ना, होशंगाबाद जिले में सतपुड़ा तथा सीधी जिले में संजय टाईगर रिजर्व हैं। पिछले एक दशक से राताानपी को टाईगर रिजर्व बनाने की कार्यवाही चल रही है।
इसी प्रकार, सागर जिले के सागर वनवृत्त में स्थित उत्तर सागर वनमंडल को अभयारण्य बनाने की तैयारी चल रही है। यह अभयारण्य 258.640 वर्ग किमी का होगा। राज्य सरकार ने इसका नामकरण डा. भीमराव अम्बेडकर अभयारण्य किया है तथा इसे बनाने कीि सैध्दांतिक स्वीकृति दी हुई है।
उक्त दोनों मामलों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि उत्तर सागर अभयारण्य बनाने के लिये वन मंत्री की उपस्थिति में सभी स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सांसद, विधायकगण से चर्चा उपरांत प्राप्त सुझावों पर समग्र रुप से विचार कर प्रकरण निर्णयार्थ राज्य वन्य प्राणी बोर्ड में प्रस्तुत किये जायें जबकि रातापानी टाईगर रिजर्व के मामले में वन मंत्री संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिपधियों, सांसद एवं विधायकों से चर्चा कर लें तथा उनके अभिमत प्राप्त कर इसे बोर्ड के समक्ष पेश करें।
विभागीय अधिकारी का कहन है कि रातापानी टाईगर रिजर्व एवं उत्तर सागर अभयारण्य बनाने के लिये सीएम ने वन मंत्री को जन प्रतिनिधियों से चर्चा के निर्देश दिये हैं। चर्चा के बाद दोनों प्रकरण स्टेट वाईल्ड लाईफ बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किये जायेंगे।