JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का निधन हो गया है। उन्होंने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। समाजवादी राजनीति के जरिए जनता के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले शरद यादव के निधन से उनके समर्थकों में कोहराम मच गया है।
शरद यादव के निधन पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने शोक जताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दिग्गज नेता शरद यादव के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया के आदर्शों से प्रेरित श्री यादव ने लंबे सार्वजनिक जीवन में एक सांसद और मंत्री के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साथ हुई बातचीत को वह हमेशा संजो कर रखेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि सत्तर के दशक में छात्र नेता रहे शरद यादव हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए लड़ते रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि श्री यादव संसद में राष्ट्रीय स्तर पर वंचितों की एक मजबूत आवाज थे।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज सांसद शरद यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री धनखड़ ने अपने संदेश में कहा कि शरद यादव सार्वजनिक जीवन में लोकप्रिय नेता, प्रशासक और उच्च आदर्शवादी थे।
JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के निधन की पुष्टि उनकी बेटी ने की है। शरद यादव ने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बिहार की राजनीति की प्रमुख शख्सियत शरद यादव के निधन से हर कोई आहत है। उनकी समाजवादी राजनीति ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया। लेकिन अब उस महान नेता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है।
गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनके शव को एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया गया था। पार्थिव शरीर को आज दिन भर छतरपुर स्थित 5 पश्चिमी (डीएलएफ) आवास में दर्शन के लिए रखा जाएगा।
शरद यादव की बेटी सुभाषिनी ने ट्विटर पर पिता के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा कि पापा नहीं रहे। फोर्टिस अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शरद यादव को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। उनकी कोई पल्स नहीं थी। प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सीपीआर दिया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने 12 जनवरी को रात 10 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं।