निकाय चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया ने भाजपा छोड़ने का ऐलान कर दिया है। सिद्धार्थ दमोह में हुए उपचुनाव में भाजपा के प्रबल दावेदार थे लेकिन यहां भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इसके बाद भाजपा जब चुनाव हार गई थी तब मलैया परिवार पर भितरघात का आरोप भी लगा था।
सिद्धार्थ मलैया ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को अपना इस्तीफ़ा भेजा है। हालांकि पार्टी की ओर से उनका इस्तीफ़ा स्वीकार किये जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सिद्धार्थ मलैया करीब सवा साल से पार्टी से निलंबित चल रहे थे। सिद्धार्थ मलैया ने कांग्रेस और अन्य किसी पार्टी में शामिल होने से इंकार किया है।
दमोह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने के कारण हुए थे लेकिन राहुल लोधी उपचुनाव हार गए थे। जिसके बाद भाजपा में जमकर सियासी उठापटक देखने को मिली थी।
भाजपा के कई बड़े नेता मलैया परिवार के विरोध में आ गए थे वहीं भाजपा के कुछ सीनियर नेता मलैया परिवार के साथ खड़े दिखाई दिए थे।
दमोह की हार के बाद सिद्धार्थ मलैया को भाजपा ने अनुशासनहीनता का आरोप लगा नोटिस भी दिया था और फिर पार्टी से निलंबित कर दिया था। उनके साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने के कारण पार्टी ने मलैया समर्थक पांच मंडल अध्यक्षों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था।