पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन हो गया है. मुशर्रफ लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दुबई के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. पाकिस्तानी मीडिया सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है कि उन्होंने दुबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली.

परवेज मुशर्रफ लंबे समय से बीमार चल रहे थे. मुशर्रफ 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे. इससे पहले वे आर्मी चीफ भी रह चुके हैं. कारगिल युद्ध के लिए सीधे तौर पर मुशर्रफ को जिम्मेदार ठहराया जाता है. उन्होंने नवाज शरीफ को हटा दिया था. 

दिल्ली से था खास रिश्ता-

परवेज मुशर्रफ का जन्म 11 अगस्त 1943 को दरियागंज, नई दिल्ली में हुआ था. 1947 में उनके परिवार ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया. बंटवारे के कुछ दिन पहले उनका पूरा परिवार पाकिस्तान पहुंच गया था. उनके पिता सईद ने नई पाकिस्तान सरकार के लिए काम करना शुरू किया और विदेश मंत्रालय से जुड़े रहे.

इसके बाद उनके पिता का तबादला पाकिस्तान से तुर्की हो गया और 1949 में वे तुर्की चले गए. कुछ समय के लिए वे अपने परिवार के साथ तुर्की में रहे, जबकि उन्होंने तुर्की बोलना भी सीखा. मुशर्रफ बचपन से ही खिलाड़ी रहे हैं. 1957 में उनका पूरा परिवार फिर से पाकिस्तान लौट आया. उन्होंने सेंट पैट्रिक स्कूल, कराची और फोरमैन क्रिश्चियन कॉलेज, लाहौर में अध्ययन किया.

मुशर्रफ को सुनाई गई थी मौत की सजा-

बता दें कि परवेज मुशर्रफ ही वो शख्स हैं, जिन्हें पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाई गई थी. पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार पेशावर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत की 3 सदस्यीय बेंच ने ऐसी सजा सुनाई है.

3 नवंबर 2007 को पाकिस्तान में आपातकाल लगाने और दिसंबर 2007 के मध्य तक संविधान को निलंबित करने के लिए परवेज मुशर्रफ पर दिसंबर 2013 में राजद्रोह का आरोप लगाया गया था. मुशर्रफ को 31 मार्च 2014 को दोषी ठहराया गया था. 79 वर्षीय मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया. मुशर्रफ मार्च 2016 से दुबई में रह रहे थे.