आधे सत्र तक पिछली कक्षा के कोर्स को ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूलों में इस बार आधे सत्र तक पिछली क्लास की पढ़ाई ही कराई जाएगी। नई क्लास का कोर्स नवंबर माह से पढ़ाना प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्र की नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) की रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया है। इसके अंतर्गत स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की सीखने की क्षमता पर फोकस्कूल शिक्षा विभाग ने एनएएस की रिपोर्ट के साथ ही प्रदेश के पांचवीं व आठवीं के परिणामों की समीक्षा के बाद यह व्यापक कार्य योजना तैयार की है।स किया जा रहा है। इसके लिए त्रिस्तरीय कार्य योजना बनाई गई है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस बार नए सत्र की शुरुआत 16 जून से की जा रही है। सरकार के स्कूल खुलते ही यहां आ रहे बच्चों की सीखने की क्षमता पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पूरे सत्र के लिए शैक्षणिक कार्ययोजना बनाई है। इसमें हर माह मूल्यांकन करने से लेकर विशेष कक्षाएं लगाने की भी बात है। इसके साथ ही बच्चों को पिछली कक्षा के कोर्स को भी पढ़ाया जाएगा।
16 जून से स्कूल खुलने के बाद पहली से आठवीं के बच्चों के लिए 15 अगस्त तक दक्षता उन्नयन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके अलावा ब्रिज कोर्स भी चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत माह अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में स्पेशल क्लासेस लगाई जाएंगी। इसमें बच्चों को एक साल पहले का यानि पिछली क्लास का कोर्स पढ़ाया जाएगा। पहली से आठवीं तक के बच्चों को वर्तमान कक्षा का कोर्स नवंबर से पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के बेहतर रिजल्ट के लिए भी कवायद की जा रही है। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र प्रदेश की पांचवीं व आठवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों की गहराई से समीक्षा कर रहा है। इन दोनों क्लासेस की करीब 60 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का प्रश्नवार विश्लेषण किया जा रहा है। गौरतलब है कि एनएएस की रिपोर्ट में विशेष तौर पर तीसरी व पांचवीं के बच्चों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।