Hari Budha Magar Story: 43 साल के पूर्व नेपाली सैनिक ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर इतिहास रच दिया है. हैरान कर देने वाली बात यह है कि वह दोनों पैरों से विकलांग हैं. वह कृत्रिम पैरों के साथ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति बने.
यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले व्यक्ति बने-
यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले पूर्व नेपाली सैनिक का नाम Hari Budha Magar है. हरि ने शुक्रवार को 8848.86 मीटर ऊंची चोटी की चढ़ाई की थी. पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों पैरों से विकलांग पूर्व सैनिक Hari Budha Magar ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर इतिहास रचा है. वह इस श्रेणी में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति बने.
लड़ाई में पैर गंवाया-
साल 2010 में अफगानिस्तान में ब्रिटिश गोरखा सैनिक के रूप में लड़ते हुए Hari Budha Magar ने अपने दोनों पैर खो दिए थे. इससे पहले 2018 में नेत्रहीन, दिव्यांग और अकेले पर्वतारोहियों को माउंट एवरेस्ट सहित अन्य पहाड़ों पर चढ़ने से रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए एक नियम के कारण उन्हें माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की अपनी योजना को रद्द करना पड़ा था.
नेपाल में सबसे ऊंची चोटी-
अधिकारियों ने कहा कि नेपाल ने इस वसंत में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए रिकॉर्ड 466 परमिट जारी किए है. गौरतलब है कि माउंट एवरेस्ट समेत दुनिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों में से 8 नेपाल में हैं.