मध्यप्रदेश में मानसून की तूफानी एंट्री हई है लेकिन अब इस पर 4 दिन का ब्रेक लग रहा है। हालांकि इस अवधि में प्रदेश में चारों दिन लोकल लेवल पर बनने वाले बादलों यानि सीबी क्लाउड से बरसात होगी. ग्वालियर-चंबल में अब 3 या 4 दिन बाद ही बारिश के आसार हैं। लोकल बादलों की वजह से शाम या रात को अलग-अलग शहरों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन प्रदेश में अब भारी बरसात 27 जून से होने की संभावना है। अनुमान है कि तब इंदौर, भोपाल समेत पूरे प्रदेश में लगातार चार दिन तेज बारिश होगी. बुधवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, खंडवा, मंडला, डिंडोरी में ही हल्की से तेज बारिश हुई। 

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी ब्रांच एक्टिव नहीं है। लो-प्रेशर एरिया बनना बंद हो जाने की वजह से मानसून की बारिश का दौर थम गया है। ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती घेरा 26 जून से एक्टिव होने के संकेत मिल रहे हैं।

आज यहां होगी बारिश 
गुरुवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, खंडवा, मंडला, डिंडोरी आदि इलाकों में हल्की से तेज बारिश की उम्मीद जताई गई है। एक नया सिस्टम तीन दिन बाद बनना शुरू होगा। इसके बाद फिर लगातार बारिश का दौर शुरू होगा। अभी सिर्फ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से लगे प्रदेश के इलाकों में ही हल्की बारिश की संभावना है। शेष मध्यप्रदेश में ज्यादा बारिश का अनुमान नहीं है। प्रदेशभर में अब 27 से ही भारी बारिश हो सकती है.

गुरुवार को अरब सागर से नमी मिलने के कारण भी भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी से मंडला, सतना, रीवा, डिंडोरी, अनूपपुर, सिंगरौली, शहडोल,जबलपुर में हल्की से मध्यम बारिश रहेगी। बंगाल और अरब सागर दोनों तरफ से नमी मिलने के कारण देवास, छिंदवाड़ा, खंडवा, बैतूल और बुरहानपुर में गुरुवार को भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन जिलों में बुधवार को भी 2 से 3 सेंटीमीटर बारिश हुई।