इंसान अपना घर-मकान बनाने में सारी जिंदगी लगा देता है और वहीं मकान उसकी आंखों के सामने ही मलबे के ढ़ेर में तब्दील हो जाए तो उसका दर्द समझ पाना ही बड़ा मुश्किल है। देखते ही देखते तुर्की मलबे के ढ़ेर में तब्दील हो गया हर तरफ बिखरा मलबा टूटते- बिखरते परिवार किसी की भी आंखों में आंसू ला दे।
सोमवार सुबह तुर्की समेत सीरिया, लेबनान, इजराइल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसके बाद यहां लोगों में काफी दहशत है। अब तक इसमें करीब 1006 लोगों के अब तक मारे जाने की खबरें हैं। आलम ये है कि देखते ही देखते कई इमारतें जमीदोंज हो गई हैं तो कहीं आग की लपटे उठ रही हैं।
तुर्की के 10 से अधिक शहर इस त्रासदी से शिकार बने हैं। तुर्की में रिक्टपैमाने पर भूकंप 7.8 तीव्रता का रिकॉर्ड किया गया है। भूकंप के झटके राजधानी अंकारा, नूरदगी शहर समेत कई शहरों में महसूस किए गए। खबरों के मुताबिक तुर्की में ही अब तक 53 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यहां दो शहरों में 50 इमारतें ढह गईं। वहीं, सीरिया में 42 लोग मारे गए हैं।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, पहले भूकंप का केंद्र कहरामनमारस प्रांत के गाजियांटेप शहर से 30 किलोमीटर दूर और जमीन से करीब 24 किलोमीटर नीचे था। लोकल समय के मुताबिक, ये भूकंप सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर आया । इसके 11 मिनट बाद 6.7 तीव्रता का दूसरा भूकंप भी आया।
इसका केंद्र जमीन से 9.9 किलोमीटर नीचे था। दूसरे भूकंप के 19 मिनट बाद 5.6 तीव्रता का तीसरा भूकंप भी आया। यहां कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। कई लोगों के मलबे में भी दबे होने और मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। लोगों को बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
बताया जा रहा है कि भूकंप के झटके लेबनान, सीरिया में भी महसूस किए गए। सीरिया में अलेप्पो और हमा शहर से नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। सिविल डिफेंस के मुताबिक, सीरिया में तुर्की से लगे इलाकों में कई इमारतें गिर गईं। दमिश्क में भी भूकंप के झटकों के बाद लोग सडकों पर आ गए। लेबनान में करीब 40 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।