पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी की तमाम कोशिशें नाकाम हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स  के मुताबिक, पुलिस और रेंजर्स की एक टीम 22 घंटे तक इमरान खान के लाहौर स्थित बंगले (जमां पार्क) से लौटने लगी है। फुटेज में इमरान के समर्थकों को जश्न मनाते देखा जा सकता है। पुलिस ने लौटने के लिए क्रिकेट मैच का बहाना बनाया है।

लाहौर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा- हमने इमरान खान की गिरफ्तारी टालने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान सुपर लीग- सीजन आठ (पीएसएल-8) के मैच 15 से 19 मार्च तक लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले जाने हैं। फाइनल 19 मार्च को है। अगर शहर में अराजकता और हिंसा का माहौल बना रहा तो पाकिस्तानी और विदेशी खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, इस समय हमने इमरान की गिरफ़्तारी टाल दी है।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ PTI की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। गिरफ्तारी वारंट को निरस्त करने के लिए अर्जी दी गई है।

इस बीच इमरान ने बुधवार को सोशल मीडिया पर कहा- पुलिस फायरिंग कर रही है। गिरफ्तारी तो बस एक बहाना है, असली इरादा मुझे मारने का है।
पुलिस मंगलवार शाम को तोशाखाना मामले में इमरान खान को गिरफ्तार करने पहुंची थी। यहां इमरान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव और लाठियों से हमला किया। 

कई घंटे बाद पुलिस बैकफुट पर नजर आई। रेंजर्स भी हालात पर काबू नहीं पा सके। पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेंके गए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी तैनात किए गए थे। इमरान पर सरकारी खजाने (तोशाखाना) से बेशकीमती तोहफे कम दाम में खरीदने और उन्हें अरबों रुपये में बेचने का आरोप है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 29 मार्च तक उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया।