International Yoga Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग के ध्येय वाक्य को लेकर बुधवार को 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को अमेरिका से संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी बोले, मैं आप सभी से वीडियो संदेश के ज़रिये जुड़ रहा हूं, लेकिन मैं योग करने के कार्यक्रम से नहीं भाग रहा हूं. आज शाम भारतीय समय के अनुसार, करीब 5:30 बजे संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में विशाल योग कार्यक्रम में शामिल रहूंगा. भारत के आह्वाहन पर दुनिया के 180 से ज्यादा देशों का एक साथ आना ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है.
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उन्होंने आगे कहा, आपको याद होगा कि जब 2014 में यूएन जनरल एसेंबली में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव आया तो रिकॉर्ड देशों ने इसे समर्थन दिया था. तब से लेकर आज तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जरिए योग एक वैश्विक आंदोलन बन गया है. पीएम मोदी ने कहा कि इस साल योग दिवस के कार्यक्रमों को ओशन रिंग ऑफ योगा ने और ज्यादा विशेष बना दिया है. इसका आईडिया योग के विचार और समुद्र के विस्तार के पारस्परिक संबंध पर आधारित है.
योग एक शक्तिशाली समाज का निर्माण करता है- PM
पीएम मोदी ने बताया कि आज पूरी दुनिया में लोग योग और वसुधैव कुटुंबकम की थ्योरी पर एक साथ योग कर रहे हैं. हमारे ग्रंथों में कहा गया है कि योग से हमें स्वास्थ्य, आयुष और बल मिलता है. हममें से कितने ही लोगों ने योग की ऊर्जा को महसूस किया है. व्यक्तिगत स्तर पर हमारे लिए बेहतर स्वास्थ्य कितना जरूरी होता है, ये हम सब जानते हैं. योग एक शक्तिशाली समाज का निर्माण करता है.
उन्होंने आगे कहा, बीते वर्षों में स्वच्छ भारत से लेकर स्टार्टअप जैसी चीजों में जो असाधारण गति दिखी है, उसमें इस ऊर्जा का असर दिखा है. भारत की संस्कृति हो या फिर समाज संरचना, आध्यात्म हो या फिर हमारी दृष्टि हो, हमने हमेशा अपनाने वाली परंपरा का स्वागत किया है, नए विचारों को संरक्षण दिया है. हमने विविधताओं को सेलिब्रेट किया है. ऐसी हर संभावना को योग प्रबल करता है.
योग से हम अपने स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएंगे- PM
पीएम मोदी बोले, हमें योग के जरिए हमारे अंतर्रविरोधों को खत्म करना है. हमें योग के जरिए हमारे गतिरोधों और प्रतिरोधों को भी खत्म करके रहना है. हमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत को विश्व के सामने प्रस्तुत करना है. योग को लेकर कहा गया है कि कर्म में कुशलता ही योग है. आजादी के अमृतकाल में ये मंत्र हम सभी के लिए काफी अहम है. हम कर्म से कर्म योग तक की यात्रा तय करते हैं. मुझे विश्वास है कि योग से हम अपने स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएंगे और इन संकल्पों को भी आत्मसात करेंगे.