भोपाल: बीजेपी के दबंग विधायक नारायण त्रिपाठी पार्टी से बगावत की राह पर चल निकले हैं. नगरीय निकाय के चुनाव में महापौर पद पर बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है. हालांकि यह घोषणा विंध्य पुनर्निर्माण मंच के तत्वाधान में की गई है.
भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने पिछले 2 वर्षों से पृथक विंध्य प्रदेश बनाने की मांग को लेकर बघेलखंड में राजनीतिक अभियान चला रखा है. विंध्य के विकास को लेकर त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक को कई पत्र भी लिख चुके हैं.
उनके कुछ पत्र की भाषा तो सरकार के प्रतिकूल भी रही है. पिछले दिनों एक पत्र सीएम शिवराज को लिखा गया था जिसमें सीएम राइस योजना अंतर्गत स्कूल के विकसित करने के मामले में विंध्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था.
बीजेपी की बढ़ सकती है मुसीबते-
पिछले दिनों विंध्य पुनर्निर्माण मंच के अंतर्गत रीवा, सतना, सिंगरौली और शहडोल मैं महापौर पद पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है. बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी की यह घोषणा से बीजेपी से बगावत की बू आ रही है. नारायण त्रिपाठी की इस घोषणा से भाजपा की मुसीबतें बढ़ सकती हैं. यही नहीं, विंध्य पुनर्निर्माण मंच के उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में उतरने से कांग्रेस के भी राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं.