मंत्रियों के मंसूबों को मुंह चिढ़ा रहा है बीआरटीएस..!
यह कॉरिडोर करीब 360 करोड़ रुपए खर्च कर बने बना था। इससे हो रही असुविधओं को लेकर मंत्री भूपेंद्र सिंह और विश्वास सारंग उखड़ चुके हैं तो विधायक रामेश्वर शर्मा और कृष्णा गौर भी सवाल उठा चुके हैं। बीते 27 अप्रैल को हुए एक कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री ने कहा था कि बीआरटीएस का कॉन्सेप्ट ही गलत है, जबकि मंत्री सारंग ने इसे उखाड़ फेंकने की बात कही थी। तब भूपेंद्र सिंह ने मंच से घोषणा की थी कि ट्रैफिक के लिए रोज 5 घंटे बीआरटीएस खुलेगा। ताकि, आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का लोडून पड़े, मगर हाल यह है कि 27 दिन बाद भी नगर निगम मंत्रियों के आदेश पर अमल नहीं कर पाया है। न तो बीआरटीएस खुल रहा है और न ही रिव्यू को लेकर कोई सुगबुगाहट शुरू हुई है। यह कॉरिडोर 24 किमी लंबा है। मंत्रियों के ऐलान के बाद अगले दिन से ही बीआरटीएस को रोज पीक ऑवर्स में 5 घंटे खोलने का निर्णय लिया गया था। ताकि सिटी बसों के अलावा अन्य गाड़ियां भी गुजर रहे। ताकि, दोनों ओर की सड़क पर जाम की स्थिति नहीं बने।
बीआरटीएस दिक्कतें पैदा कर रहा:
दरअसल सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंत्री सारंग ने कहा था कि जब मैं विधायक था तब यह प्रपोजल आया था। हमें विचार करना पड़ेगा, क्योंकि बीआरटीएस भोपाल के लिए दिक्वतें पैदा कर रहा है। इसे उखाड़ फेंकना चाहिए विधायक गौर भी मंत्री के बयान पर सहमत नजर आई थीं।
पीक ऑवर्स में जाम:
मिसरोद से बैरागढ़ तक लगभग २४ किमी लंबा बीआरटीएस कॉरिडार इस वक्त लालघाटी और वीर सावरकर ब्रिज से मिसरोद तक बीआरटीएस ट्रैफिक जाम की वजह बन रहा है। खासकर सुबह ९.३० से ११.३० बजे तक और शाम ५ से रात ९ बजे के बीच यहां जाम की स्थिति बनती है। बीयू गेट, बाग सेवनिया थाने से लेकर मिसरोद तक सड़क पर जाम रहती है। जबकि सड़क के साथ चलता कॉरिडोर खाली रहता है। हालांकि अब भी निगम अफसरों का कहना है कि वे इसका परीक्षण कर रहे हैं।