भोपाल: प्रदेश के श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों का श्रम अधिकारी कम्प्यूटाराईज्ड व्यवस्था होने के बाद भी निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। इस पर प्रमुख सचिव श्रम सचिन सिन्हा ने आपत्ति ली है और अप्रसन्नता व्यक्त की है।

श्रम विभाग ने सभी सहायक श्रमायुक्तों, संयुक्त/उप/सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम पदाधिकारी/सहायक श्रम पदाधिकारी/ श्रम निरीक्षक/कल्याण पर्यवेक्षकों निर्देश जारी कर कहा है कि नवीन कम्प्यूटराईज्ड केन्द्रीयकृत निरीक्षण व्यवस्था 15 सितम्बर 2020 से प्रभावशील होने से विभिन्न श्रम अधिनियमों के अतंर्गत संस्थानों में किए जाने वाले समस्त निरीक्षणों के संबंध में नवीन निर्देश जारी करते हुए निर्देशित किया गया था कि कार्यालय प्रमुख प्रतिमाह उनके जिले में स्थित पोर्टल से नियमित रूप से 15 प्रतिशत संस्थानों को निरीक्षण हेतु जनरेट करेंगें।

प्रमुख सचिव श्रम द्वारा प्रवर्तन कार्य की समीक्षा की गई एवं अप्रसन्नता जाहिर की गई है तथा व्यक्त किया है कि माह अप्रैल 2021 से मई 2022 तक कुल संस्थानों के निरीक्षण कार्य लक्ष्य अनुरूप नहीं हुए हैं। जबकि पोर्टल पर दर्ज कुल संस्थानों में से 50 प्रतिशत संस्थानों का निरीक्षण सम्पन्न हो जाना चाहिए थे।

चूंकि अप्रैल एवं मई 2022 में निरीक्षण हेतु संस्थानों का जनरेशन कम हुआ है। इसलिये आगामी 4 माहों अर्थात जून से सितम्बर 2022 तक पोर्टल पर दर्ज कुल संस्थानों के 50 प्रतिशत जनरेशन एवं उनके निरीक्षण किया जाना अनिवार्य होगा।