भोपाल: राज्य के लोक निर्माण विभाग के मुख्य वास्तुविद ने एक ठेकेदार को निर्माण की लागत 86 करोड़ रुपये अधिक बताने पर दो साल के लिये काली सूची में डाल दिया है।

इस संबंध में मुख्य वास्तुविद ने आदेश जारी कर कहा है कि ग्वालियर में 1000 बिस्तरीय अस्पताल भवन के निर्माण कार्य का अनुबंध मैसर्स डिजाइन एसोसिएट इन्क आर्किटेक्ट ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश एवं संभागीय परियोजाना यंत्री लोक निर्माण विभाग पीआईयू ग्वालियर के मध्य निष्पादित किया गया था। 1000 बिस्तरीय अस्पताल भवन के निर्माण कार्य के पुनरीक्षित प्राक्कलन अनुसार (सिविल एवं विद्युतीकरण) कार्य की अनुबंधित राशि 224 करोड़ 85 लाख रुपये से बढक़र राशि 311 करोड़ 33 लाख रुपये हो गई है।

अर्थात राशि 86 करोड़ 48 लाख रुपये की वृद्धि हुई है, जो कि 10 प्रतिशत से अधिक है। जिसके परिप्रेक्ष्य में संभागीय परियोजाना यंत्री लोक निर्माण विभाग पीआईयू ग्वालियर द्वारा अनुबंधित आर्किटेक्ट मैसर्स डिजाइन एसोसिएट इन्क को डीपीआर में एवं वास्तविक मात्राओ में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी होने पर नोटिस जारी किया गया था।

अनुबंधित आर्किटेक्ट द्वारा प्रेषित जबाब समाधान कारक नहीं होने से संभागीय परियोजाना यंत्री लोक निर्माण विभाग पीआईयू ग्वालियर द्वारा मैसर्स डिजाइन एसोसिएट इन्क के विरूद्ध ब्लेक लिस्टिंग की कार्यवाही की अनुशंसा की गई थी। इसी अनुशंसा के आधार पर मैसर्स डिजाइन एसोसिएट इन्क का पंजीयन/इम्पैनल्मेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए 2 वर्ष की अवधि के लिए काली सूची में डाला दिया गया है।