भोपाल: राज्य सरकार ने सात संभागों यथा जबलपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर एवं रीवा में गर्भ के चिकित्सकीय समापन के लिये मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक मेडिकल बोर्ड में संभागीय मुख्यालय वाले शासकीय मेडिकल कालेज की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष, शिशु रोग विभागाध्यक्ष, रेडियो डायग्रोसिस विभागाध्यक्ष तथा जनरल सर्जरी/पैथालॉजी विभागाध्यक्ष सदस्य होंगे। इस बोर्ड की अनुमति से ही गर्भ समापन हो सकेंगे।
 

इसलिये बनाये मेडिकल बोर्ड :
 

दरअसल केंद्र सरकार ने गर्भपात संबंधी नए नियम अधिसूचित किए हैं जिसके तहत कुछ विशेष श्रेणी की महिलाओं के मेडिकल गर्भपात के लिए गर्भ की समय सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह (पांच महीने से बढ़ाकर छह महीने) कर दिया गया है। गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) नियम, 2021 के अनुसार, विशेष श्रेणी की महिलाओं में यौन उत्पीडऩ या बलात्कार या कौटुंबिक व्यभिचार की शिकार, नाबालिग, ऐसी महिलाएं जिनकी वैवाहिक स्थिति गर्भावस्था के दौरान बदल गई हो (विधवा हो गयी हो या तलाक हो गया हो) और दिव्यांग महिलाएं शामिल हैं।