- दवा दुकान सील, नोटिस जारी कर तीन दिन में मांगा जवाब
- दुकानदार ने सैंपल बोतलों को नहीं करने दिया सील।
मुरैना: मध्यप्रदेश सरकार के तहत सरकारी अस्पताल से मुफ्त मिलने वाली क्षय उपचार की दवा दवा दुकान पर महंगी बेची जा रही है। डॉट्स योजना के तहत ये दवा दी जाती हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के बगल से संचालित श्रद्धा मेडिकल स्टोर पर यह मामला पकड़ में आया। इसके बाद दवा दुकान को सील कर संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। पूछताछ में दवा दुकान संचालक ने मुरैना के एक शख्स का नाम बताया है। दवा दुकान संचालक के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाने के लिए भी खंड चिकित्सा अधिकारी ने आवेदन दिया है।
पोरसा नगर के वार्ड क्रमांक 14 चित्रकापुरा निवासी रामबहोरी बघेल की पत्नी रामदेवी का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा में चल रहा है। जानकारी के अनुसार 28 जून को दोपहर में करीब एक बजे वो अपनी पत्नी की दवा लेने अस्पताल गया तो डॉक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध दवाएं तो मुफ्त में दे दीं। कुछ दवाएं वह बाजार लेने गया। अस्पताल के बगल में स्थित श्रद्धा मेडिकल स्टोर से उसने दवा खरीदी तो एक सीरप की बोतल 200 रुपए में दी। जब वह दवा लेकर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर के पास पहुंचा तो डॉ. तोमर ने यह दवा पकड़ ली। उस दवा की बोतल पर साफ लिखा था कि मप्र शासन की ओर से यह नि:शुल्क सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति के लिए है. यह दवा बाजार में विक्रय के नहीं है। डॉक्टर ने दवा दुकान का नाम पूछने के बाद पूरा मामला खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र डंडोतिया को बता दिया। पूछताछ में दुकान संचालक ने बताया कि मुरैना से कोई अमित गोयल नाम का व्यक्ति सरकारी आपूर्ति की दवाएं दे जाता है। सरकारी दवाएं निजी दुकानों से बेचे जाने का कारोबार पूरे जिले में ही संचालित हो रहा है।
बीएमओ डॉ. डंडोतिया ने मामला संज्ञान में आने के बाद सबसे पहले पंचनामा तैयार कराया। इसमें दवा लिखने वाले डॉ. तोमर के अलावा दवा खरीदने वाले और अन्य पांच लोगों के हस्ताक्षर कराए गए हैं। इसमें साफ लिखा गया कि श्रद्धा मेडिकल स्टोर पोरसा के संचालक रामजीलाल सरकारी अस्पताल के बगल से सरकारी आपूर्ति वाली दवा की बोतल 200 रुपए में बेच रहे हैं। इस दुकान में सीरप 'नेयोग्रेडाइन ऐलिक्जाइर' कुल चार बोतल थीं जिनमें से एक रामबहोरी खरीदकर ले गया.बाकी तीन सील करने के लिए मांगी गई जो दुकान संचालक ने देने से इनकार कर दिया।