मध्यप्रदेश में अब मानसून दोनों दिशाओं से बढ़ रहा है. यही कारण है कि मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। अरब सागर के साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो गई है और इसी के साथ यह ट्रैक पर आ गया है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, सागर आदि संभागों में अधिकांश इलाकों में 3 दिन से बारिश हो रही है। अगले 48 घंटों में इन इलाकों में मानसून की बारिश भी शुरू हो जाएगी। भोपाल में रविवार सुबह रुक-रुककर बौछारें भी पड़ने लगीं। इंदौर के अधिकांश इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में 21 जून तक मानसून की रंगत भी दिखने लगेगी। ग्वालियर में 24 जून तक और पूरे प्रदेश में 28 जून तक बारिश शुरू हो जाएगी।
रविवार सुबह तक प्रदेश में जबलपुर शहर में सबसे ज्यादा बारिश करीब डेढ़ इंच तक चुकी थी। सिंगरौली के देवरा में डेढ़ इंच, दमोह तथा मंडला में 1-1 इंच, मटियारी, नर्मदापुरम, अशोकनगर, शहडोल, राजगढ़, कटनी, शिवपुरी, शहडोल, गुना, बालाघाट, उमरिया, गुना, शिवपुरी, भोपाल, सागर तथा खजुराहो में भी बारिश का दौर जारी था।
प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी रिमझिम बारिश हो रही है। इसके अलावा कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ तेज बौछारें भी आ जाती हैं। मुरैना, गुना, श्योरपुर कलां और बालाघाट में तेज हवा के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए। बीते तीन दिन में कहीं-कहीं बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
पाकिस्तान से लगातार हवा आने के कारण अरब सागर का मानसून बैतूल, खंडवा में अटक गया था। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से पाकिस्तान से आ रही हवाओं पर ब्रेक लग जाएगा। इसके कारण अब प्रदेश में अरब का सागर का मानसून भी रफ्तार पकड़ने लगेगा। अगले 48 घंटे के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश भर में झमाझम होने लगेगी।