भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा अहम उठाते हुए कहा है कि प्रदेश के निजी आवासीय संस्कृत विद्यालयों के स्टूडेंट के भोजन—पानी, गणवेश और कापी-किताब का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी। इसके लिए महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान से संबद्ध गुरुकुल आवासीय विद्यालय को प्रदेश सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस संबंध में मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में निजी आवासीय संस्कृत विद्यालय में करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

निर्णय के अनुसार जहां पहली से पांचवीं तक के स्टूडेंट को 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी वहीं 6वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को सालाना 10 हजार रुपये दिए जाएंगे— आदेश के अनुसार पहली से पांचवीं तक के स्टूडेंट को 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इधर 6वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को सालाना 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। विद्यार्थी किसी क्लास में अनुत्तीर्ण होता है तो दोबारा उसी कक्षा में पढ़ने के लिए वह आर्थिक सहायता का पात्र नहीं होगा।

पहली से पांचवीं तक के स्टूडेंट के लिए 8 हजार में से 7400 रुपये विद्यालयों को दिए जाएंगे. शेष 600 रुपये बच्चों या अभिभावकों के खाते में दिए जाएंगे- संस्कृत स्कूलों के पहली से पांचवीं के बच्चों के लिए 8 हजार में से 7400 रुपये विद्यालयों को दे दिए जाएंगे. शेष 600 रुपये स्टूडेंट या अभिभावकों के खाते में दिए जाएंगे। इसी तरह छठवीं से बारहवीं के बच्चों के लिए 10 हजार में से 8800 रुपये विद्यालयों को दिए जाएंगे. शेष 1200 रुपये स्टूडेंट के खाते में दिए जाएंगे। प्रदेश में इस समय करीब 90 निजी आवासीय संस्कृत विद्यालय चल रहे हैं. इनमें करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

इस संबंध में महर्षि पतंजलि संस्थान के निदेशक पीआर तिवारी का कहना है कि सरकार की ओर से महर्षि पतंजलि से संबद्ध स्कूलों के स्टूडेंट को सहायता देने से संस्कृत को बढ़ावा मिलेगा।