पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव को लेकर हो रही हिंसा और केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय दलों का विरोध करने पर ममता बनर्जी सरकार को फटकार लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी हैं। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार पर सख्त टिप्पणी की और कहा कि चुनाव कराना, हिंसा कराने का लाइसेंस नहीं है।
वहीं राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता निष्पक्ष चुनाव कराना है और इसके लिए हम पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया करा रहे है। जो इलाके संवेदनशील नहीं हैं या हिंसा का सामना नहीं कर रहे हैं, इन इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करना और अधिक समस्याएं पैदा करेगा। बीते चुनाव में तैनात हुई सीआरपीएफ ने भीड़ पर फायरिंग की थी।
इस मामले में जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया, इस पर राज्य चुनाव आयोग को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। आप गैर संवेदनशील क्षेत्रों में भी निश्चित रह सकते हैं कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे।