विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में सत्ताधारी BJP और विपक्षी कांग्रेस ने चुनावी वादों और दावों का पिटारा खोल दिया है। इस सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कृषि न्याय योजना का ऐलान किया। इसके तहत उन्होंने पांच बड़ी घोषणाएं कर किसानों को रिझाने की कोशिश की।

पीसीसी चीफ कमलनाथ के वादों पर अब प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उनका कहना है, कि कांग्रेस किसानों के लिए न्याय योजना लेकर आ रही है जो खुद अन्याय का पर्याय बन गए हैं। किसानों के साथ कांग्रेस ने अन्याय किया है। 5 हॉर्स पॉवर के पम्प की माफी की घोषणा की है, उसमें पहले से सरकार सब्सिडी दे रही है। किसानों के कर्जमाफी की फिर घोषणा कर दी, जबकि किसान आपकी वजह से पहले भी ओवर ड्यू हो चुका है।

गृहमंत्री मिश्रा का कहना था कि कमलनाथ सपनों में रहने वाले नेता हैं, पुराने बिल माफ करने की बात कर रहे हैं...पहले ही हम 5324 करोड़ के बिल माफ कर चुके हैं। कमलनाथ किसानों को 10 घण्टे बिजली दे रहे हैं..जबकि पहले ही कई जगह 14 घन्टे बिजली दी जा रही है।  इसके बाद तंज कसते हुए गृहमंत्री

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ज्ञान देने वालों को बेंच पर खड़ा करें कमलनाथ..आपको हास्य का विषय बना दिया। कमलनाथ को पता नहीं कौन ज्ञान देकर चला गया। साढ़े 9 लाख किसानों का ब्याज हमारी सरकार ने मार्फ किया। वहीं किसानों के मुकदमे वापस लेने के वादे पर गृहमंत्री बोले कमलनाथ जी हमारी सरकार में 55 हजार मुकदमे 2018 तक के वापस हो चुके हैं।

आपने पुरानी कर्जमाफी नहीं की उसके लिए और आज की पीसी के लिए आपको जनता से माफी मांगनी चाहिए। सरकार के कर्ज की जांच को लेकर बोले हमने आइफा नहीं कराया, जैकलीन, सलमान को नहीं लाये... काये की जांच कराएंगे। 15 माह की सरकार में क्यों जांच नहीं करवाई। वहीं नर्मदा सेना के गठन पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कांग्रेस की सरकार में नर्मदा में बड़ा अवैध खनन हुआ।